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राजस्थान में पहला होगा नवाचार, बीसलपुर डेम के पास होगा नारियल के पौधों का रोपण

नारियल पौधों की तीन लम्बी, बोनी एवं शंकर प्रजाति के कुल 400 पौधों की पहली खेप अमरूद उत्कृष्टता केन्द्र देवड़ावास पहुंच चुकी है  
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टोंक

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Pawan Kumar Sharma

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Updated: 11 May 2018, 3:07 PM IST

  Coconut plants

बंथली. जिले के उद्यानिकी नवाचार तकनीकी केन्द्र थड़ोली में नारियल पौधों का रोपण किया जाएगा।

बंथली. जिले के उद्यानिकी नवाचार तकनीकी केन्द्र थड़ोली में नारियल पौधों का रोपण किया जाएगा। ये पौधे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के केन्द्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्थान कासरगोड़, केरला से मंगाए हैं। उत्कृष्टता केन्द्र देवड़ावास उपनिदेशक प्रतापसिंह कुशवाह ने बताया कि नारियल पौधों की तीन लम्बी, बोनी एवं शंकर प्रजाति के कुल 400 पौधों की पहली खेप अमरूद उत्कृष्टता केन्द्र देवड़ावास पहुंच चुकी है जिन्हे वैज्ञानिकों की देखरेख में ग्रीन हाउस में रख नियमित सिंचाई, नमी देकर बराबर तापक्रम का ध्यान रखा जा रहा है।

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उन्होंने बताया कि नारियल फसल दक्षिण भारत में बोई जाने वाली एक प्रमुख फसल है। नारियल फसल को टोंक जिले में लगाने का राजस्थान में पहला नवाचार होगा। नारियल के पौधों का रोपण बीसलपुर डेम के जल भराव क्षेत्र के समीप किया जाएगा।

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टीम गठीत कर लाए पौधें
गौरतलब है कि नारियल पौधों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के केन्द्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्थान कासरगोड़, केरला से लाने को लेकर राजस्थान के उद्यान विभाग ने उत्कृष्टता केन्द्र देवड़ावास उपनिदेशक प्रतापसिंह कुशवाह के निर्देशन में चार सदस्यों की टीम गठीत की थी इसमें उपनिदेशक कृषि योगेशकुमार शर्मा, कृषि अनुसंधन अधिकारी गोविन्द श्रीवास्तव व सहायक कृषि अधिकारी संजय आरोड़ा थे। टीम ने पहली खेप में करीब 400 पौधें लेकर आए है।

सरवराबाद में गहराया पेयजल संकट


टोंक. शहर के सरवराबाद स्थित कीरों की ढाणी में जलसंकट गहराने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर गुरुवार को पार्षद चौथमल सैनी के नेतृत्व में जलदाय विभाग के अधिशासी अभियन्ता को ज्ञापन भी सौंपा। इसमें बताया कि बंधा जानबाज क्षेत्र में पानी की समस्या गहराती जा रही है।

इसकी शिकायत विभागीय अभियन्ता को करने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही। लोगों ने चेतावनी दी कि जल्द पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो घंटाघर क्षेत्र में आन्दोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में मीरा, प्रभुलाल, नारायण, बद्रीकीर, रामप्रसाद, जगदीश, काली, कानी, देवीशंकर, नानगी आदि शामिल थे।