
दूनी। प्रदेश सरकार चुनाव से पहले भले ही प्रदेश में विकास की गंगा बहाए जाने का जुमला दोहराने लगी हो, मगर इस सरकार के कार्यकाल में स्वयं के अधिकारी-कर्मचारी भी सुरक्षित नहीं है। ऐसे ही हालात है जिले के दूनी नगरपालिका मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर के हैं। भवन बिल्कुल जर्जर हाल में है। कस्बे स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में सालों पूर्व बने चिकित्सक एवं चिकित्साकर्मियों के आवासों जर्जर हो गए हैं।
जहां बारिश के मौसम में आवासों में दौड़ते बिजली करन्ट के चलते धरती के भगवान कहे जाने वाले चिकित्सक एवं चिकित्साकर्मी भय से कांपने लगते हैं। हालांकि इस दौरान चिकित्सक एवं चिकित्साकर्मियों को जर्जर आवासों में अपनी एवं अपनों की सुरक्षा स्वयं को ही करनी पड़ रही है। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में लगभग तीन दशक से अधिक समय पूर्व बने पांच आवासों में तीन चिकित्सक सहित पांच चिकित्साकर्मी रह रहे है। आवासों की हालत बद से बदतर है। आवासों की दीवारों एवं छतों से प्लास्तर गिरने के बाद अब तो पट्टियां तक नजर आने लगी है।
मरम्मत की दरकार
इससे भी बदतर हालात बारिश के समय तब हो जाता है जब दीवारों सहित उपकरणों में बिजली करन्ट दौडऩे लगता है। इस दौरान घरती के भगवान कहे जाने वाले चिकित्सक एवं चिकित्साकर्मियों को अपनी एवं अपनों की सुरक्षा को लेकर सच में भगवान को ही याद करना पड़ता है। वहीं मरम्मत के अभाव में चिकित्सक एवं चिकित्साकर्मियों के आवास जर्जर एवं क्षतिग्रस्त तो होने लगे हैं साथ ही शौचालय सहित कमरे, रसोई एवं आंगन के खिडक़ी दरवाजें भी क्षतिग्रस्त होने लगे हैं। इससे उन्हें रात के समय जहरीले जीव-जन्तुओं के अंदर आने का भय सताने लगा है।
कई बार लिख चुके पत्र
उल्लेखनीय है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की और से बार-बार विभाग से पत्र व्यवहार करने के बाद तीन आवास को कंडम घोषित कर ढहा दिया गया। मगर बार-बार विभाग को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराने के बाद भी पांच आवास समय अवधि पूर्ण होने के बाद भी कंडम घोषित करने की प्रक्रिया नहीं चलाई जा रही है। वही छत से प्लास्तर हटने के बाद पट्टियों में लगे पंखें किसी अनहोनी के चलते हटा अन्य व्यवस्था कर पंखें लगाने पड़ रहे है। अब तो हालात यह है कि आवासों में कार्मिकों को कील ठोकने से भय लगने लगा है।
जर्जर आवासों को कंडम घोषित करा नवीन निर्माण कराने को लेकर विभाग के उच्चाधिकारियों को कई बार लिखित मेें अवगत कराया गया है। जर्जर आवासों में गिरने वाले प्लास्तर एवं बारिश के समय दौड़ते करन्ट से हमेशा भय बना रहता है।
डॉ. सुरेश कुमार मीणा, कार्यवाहक, चिकित्सा प्रभारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, दूनी
Published on:
26 Sept 2023 01:42 pm
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