
सालों से एक ही जगह जमें अधिकारी-कर्मचारियों का किया तबादला
टोंक. वन विभाग में लगातार जारी अवैध खनन पर अंकुश के लिए बड़ा फेरबदल किया गया है। जिला वन अधिकारी वी. चेतनकुमार ने जिले में 10 अधिकारी-कर्मचारियों के स्थानांतरण किए है। इसमें दो वन पाल, 7 सहायक वन पाल तथा एक वन रक्षक शामिल है। गौरतलब हैकि राजस्थान पत्रिका में गत 23 सितम्बर से अवैध खनन के खिलाफ शृंखलाबद्ध समाचार प्रकाशित किए जा रहे हैं।
खनन पर अंकुश लगाने के लिए एक बार जिला वन अधिकारी स्वयं भी कार्रवाई कर चुके हैं, लेकिन खनन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इसके चलते उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों का स्थानांतरण किया है। उम्मीद है अब अवैध खनन पर अंकुश लग पाएगा। इसका कारण है कि वन विभाग के नाकों पर अधिकारी-कर्मचारी सालों से जमे हुए हैं। इसके बावजूद खनन पर नियंत्रण नहीं हुआ है।
इसके चलते ये प्रक्रिया अपनाई गई है। चेतनकुमार ने आदेश जारी कर वनपाल वीरसिंह को टोंक से बड़ा गांव निवाई, वनपाल भंवरलाल शर्मा को गश्ती दल से सदर नाका टोंक, सहायक वनपाल विनोद शर्मा को टोडारायसिंह से मोहम्मदपुरा उनियारा, विक्रम शर्मा टोंक रेंज नाका सोहेला से नाका राजमहल, राकेश कुमार को सोहेला से ककोड़ उनियारा, राजाराम चौधरी को मालपुरा से उनियारा, रामनारायण को निवाई रेंज से गश्ती दल टोंक, अमर सिंह को मालपुरा से गश्ती दल टोंक, आत्माराम जाट को निवाई रेंज से सोहेला नाका टोंक रेंज तथा वन रक्षक बद्रीलाल को टोडारायसिंह से उनियारा लगाया है।
उल्लेखनीय है कि टोंक शहर पहाडिय़ों में अवैध खनन के चलते कई मीटर गहरी खाइयां हो गई है। कई पहाड़ जमींदोज हो गए हैं। इसके बावजूद वन विभाग की टीम इस पर कार्रवाई नहीं कर रही थी। ऐसे ही हालात जिले के पहाड़ों के हैं।
रिक्त पदों पर चिकित्सक व कर्मचारी लगाएं
देवली. सीतापुरा ग्राम पंचायत अधीन उप स्वास्थ्य केन्द्र, पशु चिकित्सालय व राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में चल रहे रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने एसडीओ अशोक कुमार त्यागी को ज्ञापन सौंपा।
इसमें बताया कि गांव स्थित उप स्वास्थ्य केन्द्र पर चिकित्सक का पद काफी समय से रिक्त है, वहीं लैब टैक्नीशियन का भी पद खाली है। ऐसे में ग्रामीणों को उपचार व जांच के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
इसी प्रकार पशु चिकित्सालय में भी चिकित्सक नहीं है। जिसके चलते मवेशियों के उपचार के लिए ग्रामीणों को भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यही हालत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की जहां प्रथम श्रेणी हिन्दी व द्वितीय श्रेणी गणित विषय के शिक्षकों का पद पिछले दिनों से रिक्त चल रहा है।
लिहाजा विद्यार्थियों को पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने विद्यालय के जर्जर भवन की मरम्मत कराने की मांग रखी। ज्ञापन देने में मुकलेश, हीरालाल, ओमप्रकाश, लोकेश, अनिल मीणा, रामनारायण सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल थे।
Published on:
02 Oct 2019 03:06 pm
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