
अरनियाकेदार गांव में हुई महापंचायत में शामिल किसान। फोटो: पत्रिका
टोंक। ईसरदा बांध के दूसरे चरण के प्रस्तावित निर्माण कार्यों से पहले डूब क्षेत्र के किसान मुआवजे को लेकर लामबंद होने लगे हैं। इसके तहत मंगलवार को टोंक के अरनिया केदार गांव स्थित बाबा साहब के धाम पर किसान नेता हंसराज फागना की अध्यक्षता में किसान महापंचायत आयोजित की गई।
महापंचायत में अरनिया केदार सहित एक दर्जन गांवों के जनप्रतिनिधि और किसान शामिल हुए। महापंचायत में 15 सूत्रीय मांगों पर किसानों के बीच सहमति बनी। किसानों की मांग है कि इसरदा बांध के डूब क्षेत्र में आने वाली सपूर्ण जमीन को सिंचित भूमि मानकर ही मुआवजा दिया जाए। साथ ही 15 सूत्रीय मांग में इसरदा बांध की प्रस्तावित पूर्ण भराव क्षमता 262 आरएल मीटर के मुकाबले 258 आरएल मीटर तक ही रखी जाने की भी मांग रखी गई। इन 15 सूत्रीय मांगों को लेकर किसान 8 अक्टूबर को मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। किसानों ने महापंचायत में चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग को अनसुना किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
किसानों ने 15 मांग तय की है। इसमें मुआवजा सिंचित जमीन की दर से, बांध की भराव क्षमता 262 से घटाकर 258 करने, डूब क्षेत्र के कुएं, नलकूप, पाइप लाइन, बिजली कनेक्शन का वर्तमान लागत से मुआवजा, विस्थापित परिवारों का पूनर्वास कृषि भूमि के नजदीक व सभी सुविधा, मकान, मंदिर व सपति का सपूर्ण मुआवजा, राशनकार्ड धारक तथा युवा बच्चों को भी मुआवजा, अवाप्ति कार्यालय टोंक में ही रखने, पहले चरण का मुआवजा 2013 के स्थान पर 2025 के मुताबिक देने, सर्वे टीम में स्थानीय पटवारी, सरपंच, वार्ड मेबर, पूर्व सरपंच व गांव के पांच लोगों को शामिल करने आदि मांग शामिल है।
महापंचायत में मंडावर, अरनियाकेदार, देवपुरा, चूरिया, करीरिया, बिठोला, अरनिया तिवाड़ी व ईसरदा ग्राम पंचायत समेत अन्य गांवों के किसान शामिल हुए। उन्होंने एकसुर में आंदोलन को समर्थन दिया। अरनियाकेदार सरंपच हंसराज फागणा के नेतृत्व हुई महापंचायत में मंडल अध्यक्ष रामस्वरूप मीणा, मंडावर के पूर्व सरपंच देवलाल गुर्जर, देवपुरा सरपंच मुकेश बैरवा, जगदीश जाट, लादूलाल भडाना, हेमराज जाट, रामकिशन गुर्जर, रूपनारायण काका, ओमप्रकाश आदि मौजूद थे।
Published on:
24 Sept 2025 01:24 pm
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