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LokSabha Election 2024 : आपराधिक रेकॉर्ड वाले नेता को प्रत्याशी बनाने की बतानी होगी वजह, चुनाव आयोग ने जारी किए ये निर्देश

Lok Sabha Elction 2024 : टोंक-सवाईमाधोपुर लोकसभा सीट पर 21 लाख 35 हजार 949 मतदाता हैं। इनमें पुरुष 11 लाख 16 हजार 874 तथा महिला 10 लाख 19 हजार 70 है। टोंक जिले की 8 विधानसभा सीटों पर 11 लाख 16 हजार 904 मतदाता है।

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टोंक

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Kirti Verma

Mar 20, 2024

lok sabha chunav

लोकसभा चुनाव में राजनीतिक दल ने यदि किसी आपराधिक रेकॉर्ड वाले नेता को प्रत्याशी बनाया तो उसे इसकी वजह बतानी होगी और समाचार पत्र और टीवी चैनल में तीन बार इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। दूसरे चरण के मतदान वाली सीटों पर यह प्रकाशन 9 अप्रेल से 24 अप्रेल के बीच कराना होगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ सौम्या झा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनुपालना में आयोग ने अभ्यर्थियों के आपराधिक रिकॉर्ड यदि कोई हो तो उन्हें प्रसारित करने के संबंध में दिशा.निर्देश जारी किए है। सभी राजनीतिक दलों को ऐसे आपराधिक रेकॉर्ड वाले अभ्यर्थियों को प्रत्याशी बनाने पर अभ्यर्थी के चयन से 48 घंटे के भीतर यह प्रकाशित करना होगा कि उन्होंने ऐसा उम्मीदवार क्यों चुना है। प्रकाशन की सूचना भारत निर्वाचन आयोग को भी भेजी जाएगी।

लोकसभा चुनाव में नामांकन की तिथि नजदीक है। चुनाव आयोग की ओर से जारी निर्देशों की पालना में जिला प्रशासन भी जुट गया है। वह गाइड लाइन के बिंदुवार पालना को लेकर कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे रहा है।

Lok Sabha Elction 2024 : टोंक-सवाईमाधोपुर लोकसभा सीट पर 21 लाख 35 हजार 949 मतदाता हैं। इनमें पुरुष 11 लाख 16 हजार 874 तथा महिला 10 लाख 19 हजार 70 है। टोंक जिले की 8 विधानसभा सीटों पर 11 लाख 16 हजार 904 मतदाता है। इसमें पुरुष 5 लाख 73 हजार 172 तथा महिला मतदाता 5 लाख 43 हजार 727 है। इसी प्रकार सवाईमाधोपुर जिले में 10 लाख 19 हजार 45 मतदाता है। इसमें महिला 4 लाख 75 हजार 343 तथा पुरुष मतदाता 5 लाख 43 हजार 702 हैं। सवाईमाधोपुर में 9 तथा टोंक में 5 ट्रांसजेंडर है। टोंक-सवाईमाधोपुर लोकसभा सीट के लिए 2019 में चुनाव के दौरान कुल 19 लाख 43 हजार 668 मतदाता में से 12 लाख 28 हजार 509 ने मतदान किया था। इसमें 663816 पुरुष तथा 564693 महिलाओं ने मतदान किया था। इसमें पुरुषों का 64.96 तथा महिलाओं का 61.26 प्रतिशत मतदान हुआ था।

ऐसे करना होगा प्रकाशन
अभ्यर्थी के नामांकन पत्र में यदि स्वयं के संबंध में कोई आपराधिक मामला दर्ज होने की सूचना दी जाती है तो अभ्यर्थी एवं संबंधित राजनीतिक दल को विहित प्रारूप में सूची के अनुसार जानकारी प्रकाशित व प्रसारित करवानी होगी। उम्मीदवारों में यदि किसी अभ्यर्थी का आपराधिक रेकॉर्ड है तो अभ्यर्थिता वापसी के प्रथम चार दिनों के भीतर प्रथम प्रचार, अगले पांच से 8 दिनों के बीच दूसरा प्रचार तथा तीसरा प्रचार 9 वें दिन से प्रचार अभियान के अंतिम दिन तक विज्ञापन समाचार पत्रों व टीवी चैनल पर प्रकाशित प्रसारित करने होंगे।

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चुनाव परिणाम के एक माह में देना होगा खर्चे का ब्यौरा
कोई अभ्यर्थी किसी दल विशेष के टिकट पर चुनाव मैदान में है तो उसे अपने विरूद्ध लंबित आपराधिक मामलों के बारे में अपने दल को सूचना देनी होगी। जैसे ही आपराधिक मामलों के संबंध में घोषणा प्रकाशित हो जाती है तो अभ्यर्थी तत्काल इसकी सूचना रिटर्निंग अधिकारी को देंगे। इसके अतिरिक्त चुनाव परिणाम की घोषणा के 30 दिनों के भीतर वे चुनाव खर्च का ब्यौरा भी जिला निर्वाचन अधिकारी को देंगे।

लोकसभा चुनाव को देखते हुए सीआरपीएफ के पुलिस व आरएसी के जवानों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार कस्वा, पुलिस उप अधीक्षक महेंद्र कुमार मीणा ,थानाधिकारी चेनाराम बेड़ा के नेतृत्व में पुलिस थाना परिसर से फ्लेग मार्च शुरू किया। यह मार्च शहर के सभी मुख्य बाजारों और मार्गो से निकाला गया। एसटीएफ जवानों के साथ आए अधिकारियों ने बताया कि सीआरपीएफ जवानों की टुकड़ी जिले के सभी उपखण्ड मुख्यालयों सहित छोटे बड़े कस्बो व गांवो में फ्लेग मार्च कर रही है। इसका मुख्य उद्धेश्य लोकसभा चुनाव में भयमुुक्त मतदान और सुरक्षा का संदेश देने के लिए किया गया है। इसी तरह डिग्गी में सीआरपीएफ जवानों की टुकड़ी ने पुलिस उप अधीक्षक महेंद्र कुमार मीणा ,थानाधिकारी कप्तान सिंह के नेतृत्व में कस्बे में फ्लेग मार्च किया।

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