2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में पूर्व विधायक की मां पर 25 करोड़ का जुर्माना, जानें क्या है पूरा मामला

खनिज विभाग ने अवैध खनन के मामले में निवाई के पूर्व विधायक प्रशांत बैरवा की मां आशालता बैरवा पर 25 करोड़ 66 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। उन्हें नोटिस भेजकर 30 दिवस में जुर्माना राशि जमा कराने को कहा है।

2 min read
Google source verification

टोंक

image

kamlesh sharma

May 19, 2024

टोंक। खनिज विभाग ने अवैध खनन के मामले में निवाई के पूर्व विधायक प्रशांत बैरवा की मां आशालता बैरवा पर 25 करोड़ 66 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। उन्हें नोटिस भेजकर 30 दिवस में जुर्माना राशि जमा कराने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर खान लीज निरस्त कर दी जाएगी। खनिज विभाग के सहायक अभियंता सोहन लाल सुथार ने बताया कि निवाई के समीप बहड़ गांव के पास साढ़े 4 हैक्टेयर में आशालता बैरवा की क्वाट्र्ज पत्थर की खान आवंटित है।

उन्होंने बताया कि छह महीने पहले खनिज विभाग को सूचना मिली कि आशा लता बैरवा की खान के आस-पास बड़े स्तर पर क्वाट्र्ज पत्थर का अवैध खनन किया गया है। उन्होंने बताया कि जितना खनन किया गया उससे दस गुना जुर्माना किया है। जुर्माना राशि जमा कराने के लिए नोटिस भेजा है।

कई जगह मिला खनन

खनिज विभाग के सहायक अभियंता सोहन लाल सुथार ने बताया कि खनन पट्टाधारी आशालता बैरवा की आवंटित खनन के समीप कई जगह अवैध खनन मिला। इसके लिए उन्हें नोटिस दिया। लेकिन उन्होंने यहां खनन से इनकार कर दिया। ऐसे में विभाग की टीम ने फिर से जांच की। इस पर लीज धारक प्रमाण नहीं दे पाई। इसके बाद गत 28 जनवरी को उनके प्रतिनिधि की मौजूदगी में फिर से अवैध खनन को लेकर जांच की गई।

जांच में सामने आया कि आशालता बैरवा ने क्वाट्र्ज पत्थर का अवैध खनन कराया है। इसके आधार पर इन पत्थरों की कीमत वसूलने के लिए 25 करोड़ 66 लाख 74 हजार 413 रुपए का जुर्माना किया है। विभाग ने आशालता देवी को 190114.38 मैट्रिक टन क्वाट्र्ज पत्थर के अवैध खनन करने का दोषी माना है।

इनका कहना है
अवैध खनन मिला था। ऐसे में पूर्व विधायक प्रशांत बैरवा की मां आशा लता बैरवा पर जुर्माना किया है। उनकी लीज के समीप ही अवैध रूप से खनन किया जा रहा था। जांच में सामने आया है।
सोहन लाल सुथार, सहायक अभियंता खनिज विभाग टोंक