
बनास में बजरी के अवैध खनन को रोकगें आरएसी के जवान, खनिज विभाग को मिली जवानों की टुकड़ी
टोंक. बनास नदी (Banas River) में चल रहे बजरी के अवैध खनन (Illegal mining of gravel) को रोकने के लिए खनिज विभाग (Mineral department) को आरएसी (RAC) के 21 जवानों की टुकड़ी मिली है। ऐसे में खनिज विभाग की टीम ने उनके साथ बनास नदी में गश्त शुरू कर दी है।
उम्मीद है कि आरएएसी के जवानों के साथ चल रही गश्त से बनास नदी में अवैध खनन (Illegal mining) पर अंकुश लगेगा। हालंाकि खनिज विभाग को गत वर्ष भी कोटा की आरएसी के 26 जवानों की टुकड़ी मिली थी, लेकिन लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) के चलते वापस बुला ली गई। ऐसे में खनिज विभाग की टीम बिना सुरक्षा जवानों के ही गश्त कर रही थी।
ऐसे में तीन बार उनकी टीम पर खननकर्ताओं ने हमले भी कर दिए। इसमें विभाग के सहायक अभियंता समेत कार्मिक चोटिल हो चुके हैं। इसके चलते खनिज विभाग ने पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा के लिए आरएसी के जवान मांगे थे। इस पर उन्हें आरएसी के 21 जवानों की टुकड़ी दी गई। ये सब अब वाहनों में सवार होकर बनास नदी में गश्त कर रहे हैं।
संयुक्त टीम करे कार्रवाई
जिला कलक्टर आर. सी. ढेनवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट ने कहा कि बनास नदी में अवैध बजरी खनन पर कार्रवाई के लिए प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर उपखण्ड अधिकारी के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम बनाई गई है। इसमें पुलिस उपाधीक्षक खनिज विभाग, डीटीओ एवं सम्बन्धित क्षेत्र का थाना प्रभारी भी शामिल है। इसलिए संयुक्त टीम की ओर से प्रभावी ढंग से कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
जवानों के साथ कर रहे हैं गश्त
पुलिस अधीक्षक की ओर से आरएसी के 21 जवानों की टुकड़ी मिली है। इन जवानों के साथ बनास नदी में लगातार कार्रवाई की जा रही है।
- मलिक उस्तर, सहायक अभियंता, खनिज विभाग टोंक
RAC will prevent illegal mining of gravel in Banas
Published on:
22 Jun 2019 05:22 pm
