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Rajasthan Government Scheme : किसानों की बल्ले-बल्ले, ग्राम पंचायत में खुल रहे कस्टम हायरिंग केंद्र, जानें फायदे

Rajasthan Government Scheme : राजस्थान सरकार ने वर्ष 2026-27 में राज्यभर में 500 कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। ये केंद्र किसानों के लिए बड़ी राहत हैं। जानें इनके फायदे।

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Rajasthan Government Scheme Custom hiring centers opening in Gram Panchayat know benefits

Custom Hiring Centers । फोटो- AI

Rajasthan Government Scheme : खेती अब केवल मेहनत तक सीमित नहीं रहकर तकनीक आधारित कार्य बनती जा रही है। ऐसे में संसाधनों के अभाव में पीछे छूट रहे लघु एवं सीमांत किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। अब ग्राम पंचायत स्तर पर कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां से किसान ट्रैक्टर से लेकर रीपर तक आधुनिक कृषि यंत्र किराए पर प्राप्त कर सकेंगे।

इस योजना के तहत ट्रैक्टर, थ्रेसर, रोटावेटर, रीपर, सीड कम-फर्टिलाइजर ड्रिल तथा फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़े उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे है। इससे विशेष रूप से उन छोटे किसानों को लाभ मिलेगा, जो महंगे कृषि यंत्र खरीदने में सक्षम नहीं हैं। अब मशीनों के अभाव में किसानों के कार्य प्रभावित नहीं होंगे और वे कम लागत में तेजी से खेती कर सकेंगे।

कस्टम हायरिंग केंद्रों के माध्यम से खेती की लागत में कमी आएगी, कार्य समय की बचत होगी तथा उत्पादन में वृद्धि की संभावना बढ़ेगी। बुवाई, कटाई और ब्रेसिंग जैसे कार्य अब कम समय में अधिक दक्षता के साथ किए जा सकेंगे, जिससे किसान प्रतिस्पर्धी खेती की ओर अग्रसर होंगे।

राज्यभर में 500 कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य

वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्यभर में 500 कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह योजना 'सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैंकेनाइजेशन' के तहत संचालित हो रही है। इसके अंतर्गत कृषक उत्पादक संगठन, सहकारी समितियां एवं अन्य पात्र संस्थाएं 30 लाख रुपए की परियोजना लागत पर अधिकतम 24 लाख रुपए तक का अनुदान प्राप्त कर सकती हैं। वहीं प्रगतिशील किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को 40 प्रतिशत अथवा अधिकतम 12 लाख रुपए तक की सहायता प्रदान की जाएगी।

कृषि विभाग के अनुसार इन केंद्रों के संचालन में ग्राम सहकारी समितियां, कृषक उत्पादक संगठन, राजीविका से जुड़े समूहों को शामिल किया गया है। जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

जिले में 40 कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित

जिले में अब तक 40 कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित किए जा चुके है। इसके अतिरिक्त 26 नए केंद्र प्रारंभ हो चुके है तथा 6 केंद्रों के प्रस्ताव भेजे गए हैं। इस योजना से किसानों की लागत में कमी आ रही है और वे कृषि उपकरणों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहेंगे।

महंगे कृषि यंत्र खरीदना संभव नहीं - भैरूलाल माली

किसान भैरूलाल माली ने बताया कि कस्टम हायरिंग केंद्र शुरू होने से छोटे किसानों को बड़ी राहत मिली है। महंगे कृषि यंत्र खरीदना संभव नहीं होता, लेकिन अब किराये पर आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं।

कृषि कार्य आसान हुआ - आशाराम सैन

आधुनिक किसान आशाराम सैन ने बताया कि कस्टम हायरिंग केंद्रों से कृषि कार्य आसान हुआ है। किराये पर मशीनें मिलने से समय और लागत दोनों की बचत हो रही है।

योजना के प्रमुख लाभ

1- कम लागत में आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध।
2- किसान-महिला व युवा वर्ग को रोजगार के अवसर
3- उत्पादन में वृद्धि की संभावना बढ़ेगी।
4- छोटे किसानों को सीधा लाभ।
5- बुवाई, कटाई और थ्रेसिंग में समय की बचत।

जिले में 6 नए केंद्रों के प्रस्ताव भेजे गए

कस्टम हायरिंग केंद्र योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र सुलभ कराए जा रहे हैं। जिले में 6 नए केंद्रों के प्रस्ताव भेजे गए हैं।
विजेंद्र सिंह सोलंकी, संयुक्त निदेशक, कृषि विस्तार टोंक