8 सितंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

टेंडर प्रक्रिया में अटकी विधायक की ट्यूबवैल लगवाने की घोषणा, ग्रामीणों ने सरपंच व कर्मचारियों को अटल सेवा केन्द्र में बंद कर जड़ा ताला

दो माह पूर्व पेयजल मुहैया कराने की विधायक की घोषणा टेंडर प्रक्रिया में अटकी हुई है  
2 min read
Google source verification
  Drinking water problem

नटवाड़ा के पराना में सरपंच व कर्मचारियों को ताले में बंद करती महिलाएं।

नटवाड़ा. क्षेत्र के पराना गांव में पेयजल के लिए थ्री फेज एवं सिंगल फेज ट्यूबवैल लगवाने की मांग को लेकर महिलाओं ने मटकियां फोड़ कर प्रदर्शन कर अटल सेवा केन्द्र के मुख्य दरवाजे पर ताला जड़ दिया। नाराज महिलाओं ने सरपंच लक्ष्मण मीणा, ग्राम विकास अधिकारी रामजी लाल कुशवाहा, सहायक सचिव राजेश जैन, पम्प चालक शिवराज जाट को अटल सेवा केन्द्र में बन्द कर दिया।

अगर अगले साल भी यही रहा हाल तो सिचांई तो दूर राजधानी सहित प्रदेश के चार जिलों में पीने के पानी का भी संकट होगा खड़ा


सूचना पर बरोनी के एएसआई तुलसीराम जाट ने मौके पहुंच कर ताला खुलवाने की कोशिश की, लेकिन महिलाएं विधायक अजीत मेहता एवं जलदाय विभाग के अभियंताओं को मौके पर बुलवाने की मांग पर अड़ी गई। महिलाओं ने बताया कि 21 फरवरी को पराना में जनसुनवाई में विधायक अजीत मेहता को ग्रामीणों ने पेयजल की समस्या बताई थी।

इस पर उन्होंने थ्री फेज एवं सिंगल फेज ट्यूबवैल लगवाने की घोषणा की थी, लेकिन दो महीने से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इससे गांव में पेयजल समस्या गम्भीर हो गई। सरपंच लक्ष्मण मीणा ने बताया कि पेयजल समस्या के समाधान के लिए कई बार विधायक मेहता एवं जलदाय विभाग के अधिशासी अभियन्ता राजेश गोयल को लिखित में अवगत करवाने के बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।


जलदाय विभाग के अधिशासी अभियन्ता राजेश गोयल ने बताया कि ट्यूबवैल लगवाने के लिए जिला परिषद से 3 मई को स्वीकृति आई है। इसका कार्य टेंडर प्रक्रिया अधीन है। विकास अधिकारी अनुपमा सक्सेना ने बताया कि ताला खुलवाने के लिए पीओ को बोल दिया है।

गर्मी में हालत खराब
पराना में पेयजल समस्या के समाधान के लिए महिलाओं द्वारा अटल सेवा केन्द्र का 5 घण्टे बाद भी ताला नहीं खुलने के कारण अन्दर बन्द सरपंच सहित कर्मचारियो की गर्मी के कारण हालत खराब हो गई। दिनभर बिजली गुल रहने के कारण अन्दर बन्द सरपंच एवं अन्य कर्मचारी पसीने से लथपथ हो गए।

वहीं अन्दर पानी खत्म हो जाने से प्यास एवं गर्मी ने हालत खराब कर दी, लेकिन इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि ने मौके पर नहीं पहुंचे। अन्त में 5 घंटे बाद पुलिस ने महिलाओं को समझा-बुझा कर ताला खुलवाया।