
दूनी। देर से सही आखिरकार नींद से जागे जिला पुलिस विभाग ने देवली उपाधीक्षक कार्यालय क्षेत्र के घाड़ थाना पुलिस को जीप उपलब्ध करा दी है। हालांकि विभाग ने नई के बजाय थाने को एक बार फिर पुराना वाहन देकर इतिश्री कर ली। गत दिनों देवली-उनियारा विधानसभा में हुए उपचुनाव में मतदान के दौरान हुए एसडीएम थप्पड़ कांड़ के बाद उपद्रव में पुलिस जीप आगजनी की भेंट चढ़ गई थी।
इससे पहले घाड़ पुलिस जीप के अभाव में 20 दिनों से देवली सर्कल की अति-आवश्यक 112 सेवा के वाहन का उपयोग ले रही थी। मगर अब पुलिस थाने को जीप उपलब्ध होने से अति-आवश्यक सेवा वाहन उपाधीक्षक सर्कल के तीन थाना व उनकी तीन पुलिस चौकी क्षेत्र के फरियादियों व पीड़ितों को फिर से अपनी निरन्तर सेवाए दे सकेगा।
राजस्थान पत्रिका ने टोंक संस्करण में 28 नवबर को ‘काम की मजबूरी:15 दिन से घाड़ पुलिस उपयोग में ले रही 112 नबर वाहन’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर पुलिस विभाग का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद नींद से जागे जिला पुलिस ने प्रकाशित खबर के 7 दिन बाद 4 दिसबर देर रात को ही घाड़ पुलिस को जीप वाहन उपलब्ध करा दिया।
उपचुनाव के मतदान दिवस 13 नवबर को ग्रामीणों की ओर से मतदान बहिष्कार को लेकर हुए विवाद में निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा की ओर से एरिया मजिस्ट्रेट अमित चौधरी को थप्पड़ मारने पर हुए उपद्रव में कई वाहन आग की भेंट चढ़े थे। इसमें उपाधीक्षक सर्कल घाड़ पुलिस की जीप भी शामिल थी।
जिला पुलिस विभाग की ओर से घाड़ थाने को उपलब्ध कराई जीप 2013 मॉडल करीब 11 साल पुरानी है। वहीं उपलब्ध कराई जीप अन्य जगह करीब 2 लाख किलोमीटर चल चुकी है। हालांकि पहले वाली जीप भी घाड़ थाने को पुरानी ही उपलब्ध कराई गई थी।
जीप पुरानी है, विभाग के पास जो उपलब्ध था, वह वाहन उपलब्ध करा दिया। अब पुलिस गश्त में आसानी हो जाएगी।
-राजकुमार बिरला, थाना प्रभारी, घाड़
Published on:
09 Dec 2024 02:56 pm
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