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भूमिगत जलस्तर बढऩे से रिचार्ज हुए जलस्त्रोत, जलसंकट से लोगों को मिली निजात

Groundwater level: लगातार हुई बारिश से सूखे पड़े कुएं, हैण्डपम्प व बोरिंगों में फिर से पानी आ गया। इससे गर्मी से चल रहे जलसंकट से लोगों को राहत मिली है।

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भूमिगत जलस्तर बढऩे से रिचार्ज हुए जलस्त्रोत, जलसंकट से लोगों को मिली निजात

भूमिगत जलस्तर बढऩे से रिचार्ज हुए जलस्त्रोत, जलसंकट से लोगों को मिली निजात

देवली। क्षेत्र में पिछले एक माह से हुई अच्छी बारिश व क्षेत्र की बनास नदी में आए पर्याप्त पानी के बाद शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र के भू-जलस्त्रोत पुन: रिचार्ज हुए है। लगातार हुई बारिश से सूखे पड़े कुएं, हैण्डपम्प व बोरिंगों में फिर से पानी आ गया। इससे गर्मी से चल रहे जलसंकट से लोगों को राहत मिली है।

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उल्लेखनीय है कि मार्च माह से पड़ी तेज गर्मी के चलते जुलाई के पहले सप्ताह तक क्षेत्र के कुओंं का जलस्तर काफी नीचे चला गया था। वहीं शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पीएचइडी की ओर से लगाए बोरिंग व हैण्डपम्प सूख गए। जिसके चलते कई दिनों तक हैण्डपम्प महज हवा देते रहे है।

स्थिति यह रही कि पानी के टैंकरों से काम चलाना पड़ा। पीएचइडी के अभियंताओं का कहना है कि शहर में करीब तीन दर्जन व ग्रामीण क्षेत्रों के दर्जनों हैण्डपम्पों में भीषण गर्मी के दरम्यान अतिरिक्त पाइप डाले गए थे। जिनमें पाइप डालने के बावजूद भी कुछ ही हैण्डपम्पों में पानी आया तथा शेष हवा देते रहे।

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लेकिन गत एक माह से क्षेत्र में हुई पर्याप्त बारिश से भूमिगत जलस्तर फिर से रिचार्ज हो गया। ऐसे में नगर पालिका की दर्जनों बोरिंग, पीएचइडी के हैण्डपम्प व घरों में निजी तौर पर लगे बोरिंगों में फिर से नीर आने लगा है। वहीं गांवों में कुएं मुण्डेर तक लबालब हो गए।

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इससे जलसंकट से निजात मिली है। उल्लेखनीय है कि पर्याप्त बारिश व बीसलपुर बांध के पूरा भरने के साथ ही शहर की विकल्पात्मक जलापूर्ति व्यवस्था खत्म कर नियमित जलापूर्ति कर दी गई। फिलहाल शहर की जलापूॢत नियमित व पर्याप्त हो रही है।