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पाई पाई को मोहताज हुए 'महाभारत' के 'भीम', सरकार से लगाई मदद की गुहार

Published: Dec 26, 2021 05:37:00 pm

Submitted by:

Archana Keshri

आप सभी लोगों को दूरदर्शन का लोकप्रिय सीरियल “महाभारत” के गदाधारी भीम तो याद ही होंगे। जैसे ही यह सीरियल याद किया जाता है, गदाधारी भीम की छवि उभर कर आंखों के सामने आ जाती है। महाभारत सीरियल में भीम का किरदार निभाने वाले अभिनेता कोई और नहीं बल्कि 6 फुट से भी ज्यादा लंबे भीमकाय प्रवीण कुमार सोबती हैं।

पाई पाई को मोहताज हुए 'महाभारत' के 'भीम', सरकार से लगाई मदद की गुहार
पाई पाई को मोहताज हुए 'महाभारत' के 'भीम', सरकार से लगाई मदद की गुहार
90 के दशक का सबसे चर्चित सीरियल महाभारत को लोगों ने खूब पसंद किया। महाभारत का एक-किरदार आज भी लोगों को जेहन में बसा है। फिर चाहे महाभारत में द्रौपदी बनीं रूपा गांगुली रही हों या भीम का किरदार निभाने वाले प्रवीण कुमार सोबती। महाभारत के ये सभी किरदार आज भी लोगों को बखूबी याद हैं। सीरियल में भीम का रोल निभाने वाले एक्टर प्रवीण कुमार को तो सभी जानते हैं, लेकिन आज की तारीख में उनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब चल रही है।
30 साल पहले दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाला इस सीरियल को देखने के लिए घरों, चौराहों, गलियों और नुक्कड़ों पर भीड़ इकट्ठी हो जाया करती थी। जब कोरोना महामारी की वजह से बीते वर्ष लॉकडाउन लगा था, तो उस दौरान इस सीरियल को दोबारा से प्रसारित किया गया था और इस शो को दर्शकों से काफी प्यार भी मिला। अब इसी बीच इसके किरदारों की फिर से चर्चा होने लगी है। शो में जिन कलाकारों ने अपने-अपने किरदारों को निभाया था, उमसे से एक थे ‘गदाधारी भीम’। उन्होंने हाल ही में अपना 74वां जन्मदिन मनाया था, लेकिन अब प्रवीन पाई पाई को मोहताज हो गए हैं। उनकी माली हालत इतनी गंभीर हो गई है कि उन्होंने सरकार से अब मदद की गुहार लगाई है।
bheem_mahabharat_gold_medalist.jpgवह किसी तरह अभी तक अपना गुजर-बसर कर रहे थे, लेकिन अब जीवन काटना मुश्किल हो रहा है, इसलिए उन्होंने पंजाब सरकार से जीवन यापन के लिए पेंशन की गुहार लगाई है। एक्टर ने अपनी शिकायत में कहा कि पंजाब में बनने वाली सभी सरकारों से मुझे शिकायत है, जितने भी खिलाड़ी एशियन गेम्स खेलते हैं या मेडल जीतते हैं, उन्हें पेंशन दी जाती है। लेकिन इस अधिकार से मुझे वंचित रखा गया। आपको बता दें कि दो बार ओलंपिक, फिर एशियन, कॉमनवेल्थ में कई गोल्ड, सिल्वर मेडल हासिल कर चुके प्रवीण 1967 में खेल के सर्वोच्च पुरुस्कार ‘अर्जुन अवॉर्ड’ से नवाजे गए थे। खेल से लेकर फिल्मी जगत तक उनका सफर काफी कामयाबी भरा रहा है। मगर अब ऐसी परिस्थिति हो गई है कि ‘भीम’ अब आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। प्रवीण कुमार सोबती पंजाब के अमृतसर के पास एक सरहली नामक गांव के रहने वाले हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना ने रिश्तों की सच्चाई को बयां किया है। सब रिश्ते खोखले हैं। मुश्किल वक्त में कोई सहारा तो दूर अपने भी भाग जाते हैं। प्रवीण ने बताया कि अब उनकी तबीयत ठीक नहीं रहती है, खाने में भी कई तरह के परहेज हैं। उनकी पत्नी उनकी देखभाल करती है।

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