
IIT NIT Counseling : पांचवें राउण्ड तक एनआईटी की 344 सीटें रही खाली
उदयपुर. सरकार ने अध्यापकों की 6-डी काउंसलिंग-2019 करने से पहले कोर्ट में विचाराधीन प्रकरणों की परिवेदना निपटाने के लिए शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए थे जिन्होंने संबंधित शिक्षकों को दरकिनार कर कई चहेतों को मनपसंद जगह दे दी। 8 मई को परिवेदना निस्तारण के बाद 10 मई को काउंसलिंग की गई जिसमें बड़े स्तर पर गड़बड़ी की शिकायत होने पर इसे निरस्त कर 22 जून को दोबारा काउंसलिंग करवाई गई। संयुक्त निदेशक ने इसको लेकर तीन सदस्यों की जांच कमेटी गठित की लेकिन यह कमेटी ने भी लीपापोती करते हुए संक्षिप्त रिपोर्ट संयुक्त निदेशक को सौंप दी। इस पर जांचकर्ताओं को 7 दिन में आरोपों पर कारण सहित रिपोर्ट पेश करने के लिए पाबंद किया गया है।
कोर्ट जाने वाले आज भी काट रहे चक्कर
2017 व 2018 की 6डी काउंसलिंग में हुए पदस्थापन से असंतुष्ट होकर कुछ शिक्षक न्यायालय गए जिनके प्रकरण विचाराधीन थे। इनके प्रकरण निपटाने के आदेश थे। इसके बाद वर्ष 2019 की काउंसलिंग करनी थी ताकि कोई विवाद नहीं हो। आरोप है कि परिवेदनाएं सुनने के चलते 12 शिक्षकों को ही सुना गया। अन्य चहेते शिक्षकों को परिवेदना में शामिल कर मनचाही जगह दे दी। एक ही केस में शामिल शिक्षकों में से एक को बुलाया जबकि दूसरे को सुना तक नहीं गया।
दोबारा देगी कमेटी रिपोर्ट
संयुक्त निदेशक की ओर से इस मामले में सीडीईओ मधुसूदन शर्मा, युगलबिहारी दाधीच और बंशीलाल रोत को कमेटी में शामिल कर जांच करने को कहा। इस कमेटी ने दो दिन पूर्व फौरी तौर पर जांच कर रिपोर्ट दे दी।
इनका कहना...
6डी संबंधित जांच रिपोर्ट मिली लेकिन उसमें कमी है। आरोपों का बिन्दुवार कारण सहित 7 दिन में कमेटी को रिपोर्ट देने के लिए पाबंद किया है ताकि यह रिपोर्ट निदेशक कार्यालय भेजी जा सके।
Published on:
26 Jul 2019 02:18 pm
