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RAS Main Analysis: 80% सफल उम्मीदवार 21 से 33 साल की उम्र के, डॉक्टर-इंजीनियर भी अफसर बनने की दौड़ में हुए थे शामिल

आरएएस मुख्य परीक्षा-2024 के परिणामों का विस्तृत विश्लेषण सामने आया है जिसमें अभ्यर्थियों की आयु, शैक्षणिक पृष्ठभूमि और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को लेकर अहम आंकड़े जारी किए हैं। रिपोर्ट में युवाओं, ग्रामीण उम्मीदवारों और प्रोफेशनल डिग्रीधारकों की मजबूत भागीदारी प्रमुख रूप से देखने को मिली है।

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आबूरोड मावल गांव निवासी आरएएस में चयनित भाई-बहन का फाइल फोटो: पत्रिका

RPSC RAS Mains Result Analysis 2024: आरएएस मुख्य परीक्षा-2024 का पूरा लेखा-जोखा सामने आया है। इस भर्ती में कुल 1096 पदों के लिए परीक्षा हुई थी। आरपीएससी ने परीक्षा के बाद इंटरव्यू तक पहुंचने वाले 2397 उम्मीदवारों का पूरा एनालिसिस किया है। इस एनालिसिस में सामने आया कि इंटरव्यू देने वाले 80.10 प्रतिशत उम्मीदवार 21 से 33 साल की उम्र के बीच के थे। सफल होने वालों में आधे से ज्यादा युवा ग्रामीण इलाकों से थे। करीब 88 प्रतिशत चयनित अभ्यर्थियों ने राजस्थान के ही विश्वविद्यालयों से पढ़ाई की।

जयपुर जिले से 247, आदिवासी बहुल उदयपुर संभाग से सिर्फ 37

इंटरव्यू तक पहुंचने वाले कुल 2397 में से सिर्फ जयपुर के 247 (करीब 10.30 प्रतिशत) युवाओं ने अपनी जगह बनाई। इसके बाद जोधपुर (114), बाड़मेर (112), और बीकानेर व नागौर (100-100) का नंबर आया। वहीं, आदिवासी बहुल इलाकों जैसे उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ से सिर्फ 36 युवा ही सफल हो पाए। यह आंकड़ा बताता है कि राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में अवसरों और प्रतिस्पर्धा का अंतर अभी भी बना हुआ है।

इंटरव्यू में 52.36 फीसदी युवा ग्रामीण पृष्ठभूमि के

इस बार गांव से पढ़ाई करने वाले युवाओं ने शहरों को पीछे छोड़ दिया है। सफल होने वालों में आधे से ज्यादा (52.36 प्रतिशत) युवा ग्रामीण इलाकों से हैं, जबकि शहरी क्षेत्र के बच्चे 47.64 प्रतिशत रहे। इसके अलावा एक बड़ी बात यह भी है कि 56.03 प्रतिशत (1343) उम्मीदवार ऐसे हैं जो पहले से ही किसी सरकारी या प्राइवेट नौकरी में काम कर रहे हैं और अनुभव के साथ इस परीक्षा में बैठे थे। यह दिखाता है कि प्रतियोगी परीक्षा में अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

युवाओं को मिली सबसे ज्यादा कामयाबी

आयु संख्या
21 से 25725
26 से 30891
31 से 33304

इंजीनियर और डॉक्टर भी बने अफसर

इस परीक्षा में शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी विविध रही। 1888 उम्मीदवार अपने कॉलेज में फर्स्ट डिवीजन पास थे, और करीब 40 प्रतिशत ने मास्टर डिग्री की हुई है। सबसे खास बात यह रही कि इस बार 14 डॉक्टर, 15 एलएलबी/एलएलएम, 10 एमबीए और 238 इंजीनियरों ने भी यह परीक्षा पास की। यह दर्शाता है कि विभिन्न प्रोफेशनल फील्ड के अभ्यर्थी भी प्रशासनिक सेवा की ओर आकर्षित हो रहे हैं। करीब 88 प्रतिशत चयनित अभ्यर्थियों ने राजस्थान की ही यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। इनमें भी सबसे ज्यादा बच्चे राजस्थान यूनिवर्सिटी (573) और महर्षि दयानंद सरस्वती यूनिवर्सिटी (205) से पढ़े हुए हैं।