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पहले बच्चों के नामांकन में फिसड्डी, अब फिर मिला लाखों का लक्ष्य

प्रदेश में दो चरणों में होगा प्रवेशोत्सव, इस वर्ष छठीं, नौवीं और ग्यारहवीं के विद्यार्थियों को अस्थाई प्रवेश

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भुवनेश पंड्याा/ उदयपुर . प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों को गत वर्ष आवंटित 53 लाख 22 हजार 354 के मुकाबले इस वर्ष से इससे ज्यादा बच्चों के प्रवेश का लक्ष्य शिक्षा विभाग ने है। बता दें कि गत वर्ष के लक्ष्य को अर्जित करने में प्रदेश के स्कूल फिसड्डी साबित हुए थे।हालांकि कितना लक्ष्य प्राप्त हुआ व संख्या कम होने के कारणों का सरकार ने स्कूलों के सामने खुलासा नहीं किया है, लेकिन आगाह किया है कि इस बार ऐसा नहीं होना चाहिए। इसे लेकर सरकार ने नया फंडा अपनाने अपनाने की शुरुआत की है।


ये होगा इस बार

इस वर्ष प्रवेशोत्सव दो चरणों में चलेगा। पहला चरण 26 अप्रेल से 9 मई तथा दूसरा चरण 19 से 30 जून तक चलेगा।


हर बार की तरह
ढोल के साथ रैलियां निकाली जाएंगी। घर -घर सम्पर्क करना होगा। प्रभातफेरियां निकाली जाएंगी। विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं कर बच्चों को आकर्षित किया जाएगा। प्रवेश प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए पहली बार पांचवीं, आठवीं और दसवीं की परीक्षा दे चुके विद्यार्थियों को क्रमानुसार कक्षा छह, नौ और ग्यारह में अस्थाई प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेशोत्सव के पहले चरण में 26 अप्रेल से विद्यालय परिक्षेत्र की विभिन्न कक्षाओं में नामांकन से शेष रहे विद्यार्थियों के चिह्निकरण का कार्य शुरू होगा। 30 अप्रेल को एसडीएमसी की साधारण सभा व शिक्षक अभिभावक परिषद की संयुक्त बैठक होगी।

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सर्व शिक्षा अभियान के निर्देशानुसार संपूर्ण राज्य में ग्राम पंचायत स्तर पर सभी पीईईओ की ओर से हाउस होल्ड सर्वे 17-18 को आधार बना कर आउट ऑफ स्कूल चिल्ड्रन को चिह्नित करना होगा। इसके बाद शाला दर्शन पोर्टल पर इसे अंकित करना होगा। विद्यालय के बच्चों के अभिभावकों को बकायदा निमंत्रण पत्र देकर स्कूल में आमंत्रित करना होगा।
नामांकन के लिए जनप्रतिनिधि, आम जन का सहयोग लेना होगा। ग्राम पंचायत स्तर पर प्रवेशोत्सव के दौरान नव प्रवेशित छात्रों का तिलक लगाकर स्वागत करना होगा।
माध्यमिक शिक्षा के निदेशक नथमल डिडेल के अनुसार 16 से 30 अप्रेल के बीच होने वाली ग्राम सभाआ में संस्था प्रधान व पीईईओ नामांकन लक्ष्य की प्राप्ति के लिए काम करेंगे। ग्राम सभा प्रभारी, सरपंच व स्थानीय जनप्रतिनधियों, एसडीएमसी सदस्यों, एनजीओ, गैर राजकीय संगठनों, स्थानीय भामाशाहों, मीडिया व अन्य राजकीय एजेंसियों से भी चर्चा कर कैचमेंट एरिया के सभी विद्यार्थियों को हर स्थिति में स्कूल के द्वार तक पहुंचाया जाएगा।


ये होगा पहली बार
- प्रवेशोत्सव से जुड़े पत्रक गांव, कस्बे व ढाणियों में बांटे जाएंगे।
- वार्ड एजूकेशन रजिस्टर (डब्ल्यूइआर ) की शुरुआत। इसमें दर्ज होंगे नाम।
- सोश्यल मीडिया पर भी करना होगा प्रवेशोत्सव का प्रचार-प्रसार।
- अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल में लाने का प्रयास

आदेशों की पालना सुनिश्चित की जा रही है। प्रयास किया जाएगा कि समय पर प्रवेशोत्सव कार्यक्रम पूर्ण कर अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल में लाने तथा एक भी बच्चा ड्रॉप आउट नहीं हो
नरेश डांगी, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक प्रथम)