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अजमेर संभाग में क्या है सियासी मिजाज, जानिए एक-एक सीट के हाल

अजेमर संभाग (Ajmer Division) : चार जिले : अजमेर, नागौर, भीलवाड़ा, टोंक ; कुल सीटें 29 : अजमेर - 8, नागौर - 10, भीलवाड़ा -7, टोंक - 4,  

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अजमेर के सदर बाजार में चुनावी चर्चा करते व्यापारी

अजमेर संभाग में सियासी समर की थाह लेने मैं भीलवाड़ा के रास्ते रवाना हुआ। करीब 750 किलोमीटर और 38 घंटे की चुनाव यात्रा मेें मतदाताओं का मन टटोलते हुए भीलवाड़ा जिले के सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र से शुरू हुआ सफर अजमेर जिले के ब्यावर में जाकर पूरा हुआ। इस बीच कहीं लोग स्थानीय मुद्दों को लेकर मुखर नजर आए तो कहीं बागियों के भंवर में उलझे चुनावी युद्ध में वे भी भ्रमित नजर आए।

चुनाव यात्रा का पहला पड़ाव सहाड़ा विधानसभा का गंगापुर कस्बा था। यहां एक रेस्तरां में चाय पीते समय वहां मिले जयेश सिंह से चुनावी चर्चा शुरू की। वेे बोले यहां मुद्दे कुछ नहीं है। ऐन वक्त पर लोग देश, धर्म और जाति देखकर वोट देते हैं। लोगों की समस्याएं जस की तस है।

यहां से मैं भीलवाड़ा शहर पहुंचा। अजमेर रोड पर बस के इंतजार में खड़े एक शख्स से शाहपुरा का रास्ता पूछा तो बोले मुझे भी मांडल जाना है, रास्ते में ही हैं। मैंने उन्हें अपनी गाड़ी में लिफ्ट दे दी। परिचय पूछा तो उन्होंने अपना नाम किशन भगतानी बताया। शहर के सियासी समीकरण पर बात शुरू की तो बोले यहां तो त्रिकाणीय मुकाबला है। बागी अशोक कोठारी के वोट ही मौजूदा विधायक और भाजपा प्रत्याशी विठ्ठल शंकर अवस्थी के भाग्य का फैसला करेंगे।

शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र के शोभागपुरा चौराहा पर चाय की थड़ी पर बैठे ग्रामीणों को देख मैंने गाड़ी के ब्रेक लगा दिए। पास जाकर चर्चा शुरू की तो ग्रामीण शंकर लाल ने बताया कि ये जो सड़क आप देख रहे हैं, वे दो साल में भी नहीं बन पाई। मजदूरी पेशा देवी लाल ने कहा कि नल लग गए, लेकिन पानी नहीं आया। बताते चलें कि शाहपुरा में इस बार पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़ रहे हैं।

आगे बढ़ा तो जहाजपुर कस्बे से कुछ दूर जाकर रुका। यहां मिले ग्रामीण मतदाताओं से बात की तो हुकमचंद ने बताया कि खाद बीज की किल्लत को कोई दूर नहीं कर पाया। खाद की काला बाजारी ने किसानों की कमर तोड़ रखी है। यहां तक कि कतार में लगे एक जने की मौत हो गई। किसानों को कोटा-बूंदी, देवली जाकर खाद लाना पड़ा। हालांकि वहीं खड़े युवा बबलू मीणा ने सरकार की योजनाओं सराहा।

देवली जिला बना चाहिए था, सड़कों के हाल आप ही देख लीजिए
जहाजपुर से चलकर मैं टोंक जिले की देवली-उनियारा विधानसभा सीट के देवली गांव पहुंचा। सड़क किनारे खड़े होकर आपस में बतिया रहे दो युवाओं को देखकर रुका और उनसे यहां के सियासी समीकरण समझना चाहा। जयपुर में फार्मसी की पढ़ाई कर रहे रवि वर्मा ने बताया कि चुनाव का तो हमें पता नहीं, लेकिन देवली को जिला बनना चाहिए था। यहां सड़कों के हाल क्या है, आगे जाएंगे तो आप खुद ही समझ जाएंगे। इशारा कस्बे की खस्ताहाल सड़कों की तरफ था।
यहां से मैं अजमेर रोड पर आगे बढ़ा। रामथला गांव में कचोरी का ठेला लगाने वाले राजेंद्र प्रजापति से बातचीत की तो पहले सवालों को टालते गए। बोले राजनीति में मेरी दिलचस्पी नहीं है। लोगों की समस्याओं के बारे में पूछा तो बोले आप ही बताइए रामथला को दस किमी दूर के केकड़ी जिले में रखना चाहिए था या 76 किमी दूर टोंक में। केकड़ी बायपास पर मिले व्यवसायी मनीष राठी ने कहा कि यहां सीधा मुकाबला भाजपा-कांग्रेस के बीच है। केकड़ी जिला बना, लेकिन सुविधाएं नहीं है। आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं के लिए अब भी अजमेर, जयपुर, भीलवाड़ा या कोटा की दौड़ लगानी पड़ती है। नसीराबाद में मिले ट्रांसपोर्ट व्यवसायी जितेंद्र यादव ने कहा कि यहां त्रिकोणीय मुकाबला है। भाजपा में बगावत है तो कांग्रेस में पुराने चेहरों को टिकट नहीं मिलने की नाराजगी। नसीराबाद में नगर पालिका नहीं बनना यहां का सबसे बड़ा मुद्दा है।

त्रिकोणीय संघर्ष में दिलचस्प हुई अजमेर उत्तर की सियासी जंग

अगले दिन मेरी यात्रा संभाग मुख्यालय अजमेर से शुरू हुई। यहां पंचशील मार्ग पर सैलून संचालक अशोक भाटी ने कहा अजमेर उत्तर का मुकाबला इस बार त्रिकोणीय होने से मुश्किल दिखाई पड़ रहा है। मुद्दों पर बात की बोले अजमेर का सबसे बड़ा मुद्दा पेयजल है। शहर के सदर बाजार में कुछ व्यापारी चुनावी चर्चा में मशगूल मिले। यहां अशोक दुलानी ने बताया कि बिसलपुर परियोजना अजमेर के लिए बनी थी, जिसके पानी को अन्य जिलों के प्रभावशाली नेता जयपुर, भीलवाड़ा, नागौर तक ले गए। अजमेर में कभी 12 घंटे पानी मिलता था। आज 72 घंटे में नहीं मिल रहा।
यहां से मैं पुष्कर पहुंचा। नागौर मार्ग पर मिले ट्रैक्टर चालक अशोक सिंह रावत ने बताया कि पुष्कर में मुद्दे ज्यादा मायने नहीं रखते। यहां के लोग विधायक की क्षेत्र में मौजूदगी को तवज्जो देते हैं। पुष्कर में इस बार चतुष्कोणीय मुकाबला होगा। कांग्रेस में बगावत है तो भाजपा प्रत्याशी की आरएलपी के सजातीय उम्मीदवार मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।

मुद्दों से ज्यादा चर्चा में तीसरा दल
पुष्कर के बाद मैं नागौर जिले की डेगाना विधानसभा के गांव थांवला होते हुए मेड़ता विधानसभा के पादुकलां पहुंचा। यहां एक होटल पर कुछ युवा बड़ी स्क्रीन पर वर्ल्ड कप का फाइनल मैच देखने में मशगूल थे। उनके बीच जाकर चर्चा शुरू की तो अरुण कुमार ने बताया कि यहां का चुनावी मैच तो त्रिकोणीय होने वाला है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों का मुकाबला आरएलपी से है। राधेश्याम ने कहा कि गांवों में पानी और चिकित्सा जैसी समस्याएं है। हालांकि कुछ काम हुए भी हैं। मेड़ता शहर में बस स्टैंड पर खड़े कुछ लोगों ने चर्चा में कहा पूरे नागौर जिले में ही आरएलपी के उम्मीदवार चर्चा में हैं। उन्होंने चर्चा में बडे़ बदलाव की ओर भी इशारा किया। यहां से जसनगर, रास होता हुए मैं अजमेर जिले के ब्यावर पहुंचा। शहर के मुख्य बाजार में मिले युवा विवेक भाटी ने बताया कि इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों की राह आसान नहीं। क्योंकि दोनों दलों के बागी मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।

यहां आमने सामने की टक्कर ;

अजमेर जिला - अजमेर दक्षिण (भाजपा से अनिता भदेल व कांग्रेस से द्रोपदी कोली), कैकड़ी (भाजपा से शत्रुघ्न गौतम व कांग्रेस से रघु शर्मा)

नागौर जिला - लाडनूं विधानसभा (कांग्रेस से मुकेश भाकर, भाजपा से करणीसिंह), - डेगाना विधानसभा - (कांग्रेस से विजयपाल मिर्धा, भाजपा से अजयसिंह किलक), - नावां विधानसभा - (कांग्रेस से महेन्द्र चौधरी, भाजपा से विजयसिंह चौधरी), - मकराना विधानसभा - (कांग्रेस से जाकिर हुसैन गैसावत, भाजपा से सुमिता भींचर)


भीलवाड़ा जिला - मांडलगढ़ (कांग्रेस से विवेक धाकड़, भाजपा से गोपाल खंडेलवाल), - जहाजपुर (कांग्रेस से धीरज गुर्जर, भाजपा से गोपीचंद मीणा), - सहाड़ा (कांग्रेस से राजेन्द्र त्रिवेदी, भाजपा से लादूलाल पितलिया)
- मांडल (कांग्रेस से रामलाल जाट, भाजपा से उदयलाल भंडाणा)

टोंक जिला - टोंक (कांग्रेस से सचिन पायलट, भाजपा से अजीत मेहता), मालपुरा (कांग्रेस से घासीलाल चौधरी, भाजपा से कन्हैयालाल चौधरी), देवली उनियारा (कांग्रेस से हरीश मीना, भाजपा से विजय बैंसला)

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यहां त्रिकोणीय मुकाबला;

अजमेर - अजमेर उत्तर (भाजपा से वासुदेव देवनानी, कांग्रेस से महेंद्र सिंह रलावता, निर्दलीय ज्ञानचंद सारस्वत), नसीदाबाद (भाजपा से रामस्वरूप लांबा, कांग्रेस से शिवप्रकाश गुर्जर, निर्दलीय शिवराजसिंह पलाड़ा), किशनगढ़ (भाजपा से भागीरथ चौधरी, कांग्रेस से विकास चौधरी, निर्दलीय सुरेश टाक)

नागौर जिला - डीडवाना (कांग्रेस से चेतनसिंह चौधरी, भाजपा से जितेन्द्र सिंह जोधा व निर्दलीय युनूस खान), जायल विधानसभा (कांग्रेस से मंजू मेघवाल, भाजपा से मंजू बाघमार व आरएलपी से बीएल भाटी), नागौर (कांग्रेस से हरेन्द्र मिर्धा, भाजपा से ज्योति मिर्धा व निर्दलीय हबीबुर्रहमान), मेड़ता (कांग्रेस से शिवरतन वाल्मीकि, भाजपा से लक्ष्मणराम मेघवाल व आरएलपी से इंदिरा देवी बावरी), परबतसर (कांग्रेस से रामनिवास गावड़िया, भाजपा से मानसिंह किनसरिया व आरएलपी से लच्छाराम बडारड़ा), खींवसर (कांग्रेस से तेजपाल मिर्धा, भाजपा से रेवंतराम डांगा, आरएलपी से हनुमान बेनीवाल )

भीलवाड़ा जिला - भीलवाड़ा (कांग्रेस से ओम नराणीवाल, भाजपा से विठलशंकर अवस्थी, निर्दलीय अशोक कोठारी), शाहपुरा (कांग्रेस से नरेन्द्र रैगर, भाजपा से लालाराम बैरवा, निर्दलीय कैलाश मेघवाल), आसींद (कांग्रेस से हगामीलाल मेवाड़ा, भाजपा से जब्बरसिंह सांखला, आरएलपी से धनराज गुर्जर)

टोंक जिला - निवाई (कांग्रेस से प्रशांत बैरवा, बीजेपी- रामसहाय वर्मा, आरएलपी-प्रहलाद नारायण बैरवा)

यहां चतुष्कोणीय मुकाबला;
अजमेर जिला - मसूदा (कांग्रेस से राकेश पारीक, भाजपा से वीरेंद्र सिंह कानावत, बसपा से वाजिद चीता, आरएलपी से सचिन सांखला), ब्यावर (भाजपा से शंकर सिंह रावत, कांग्रेस से पारस जैन, निर्दलीय इंद्र सिंह व मनोज चौहान), पुष्कर (भाजपा से सुरेश रावत, कांग्रेस से नसीम अख्तर, आरएलपी से अशोक सिंह रावत, निर्दलीय श्रीगोपाल बाहेती)

ये हैं संभाग के प्रमुख मुद्दे

अजमेर : बीसलपुर योजना से नहीं मिल रहा है जिले को पर्याप्त पानी, केकड़ी-नसीराबाद-सावर, पुष्कर-मेड़ता रेल रूट, अजमेर में स्पेशल इकोनोमिक जोन की जरूरत

नागौर : तीन साल तक के बछड़ों के परिवहन पर लगी रोक हटाना, जिले को मीठा पानी उपलब्ध करवाना, कुचामन को जिले का दर्जा (अभी सिर्फ घोषणा हुई है अधिसूचना जारी नहीं हुई)

भीलवाड़ा : भीलवाड़ा में एक और ओवरब्रिज की जरूरत, निजी कॉलोनियों में चम्बल का पानी, ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग, सड़कों, परिवहन के साधनों की जरूरत।

टोंक : जिले में रेल लाना, देवली को जिले का दर्जा, बीसलपुर का पानी स्थानीय लोगों को मिले।

मौजूदा स्थिति

जिला भाजपा कांग्रेस अन्य

अजमेर 5 2 1

नागौर 2 6 2

भीलवाड़ा 5 2 0

टोंक 1 3 0

कुल 13 13 03


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