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Annapurna milk scheme : फीका दूध नहीं भाया छात्रों को , मीठा करने के लिए यह बोला विद्यालय प्रशासन, देखें video
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Annapurna milk scheme : फीका दूध नहीं भाया छात्रों को , मीठा करने के लिए यह बोला विद्यालय प्रशासन, देखें video

अन्नपूर्णा दूध योजना के तहत छात्रो ने घटका फीका दूध
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कमलाशंकर श्रीमाली/कानोड़. सरकार की अन्नपूर्णा दुग्ध योजना के तहत कस्बे सहित आस-पास के विद्यालयों में छात्रों को नियमानुसार दूध पिलाया गया । कस्बे के राजकीय चतुर उच्च माध्यमिक ,उग्रसेन कुमारी बालिका विद्यालय में तय समय पर समारोह आयोजित की बच्चों को दूध पिलाया गया । वहीं निकट राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सारंगपुरा , उप्रावि केरपुरा, नीमड़ी, जशंवतपुरा, सीड़ में प्रात: दस बजे तक दूध नही पहुंचा । अध्यापक सहित कुक कम हैल्पर दूध का इंतजार करते दिखे। इन विद्यालयों में पोषाहार से कुछ समय पूर्व ही दूध वितरण किया जा सका जिससे छात्र पोषाहार से किनारा करते दिखे । दुग्ध योजना के शुभारंभ के प्रथम दिन पत्रिका ने दर्जन भर विद्यालयों की टोह ली तो एक बात खुलकर सामने आई कि फीके दूध से छात्र-छात्रा किनारा करते दिखे । अध्यापकों की डांट की वजह से छात्रों ने दूध तो गटक लिया लेकिन पत्रिका से बोले फीका दूध नहीं पी पाएंगे, बाध्य नहीं करें ऐसे में कई छात्रों ने दूध नहीं पिया । हालांकि दूध को मीठा करने के लिए विद्यालय प्रशासन भामाशाह की मदद लेने की बात कहता नजर आया । चतुर विद्यालय के प्राचार्य राजेश गहलोत ने बताया कि वह भामाशाह की मदद लेकर दूध को मीठा करेंगे जिससे छात्र आसानी से पी सकें ।

पढाई होगी प्रभावित
दूध वाला समय पर नही आया या फिर तय समय पर दूध वितरण नही किया गया तो छात्रों की पढाई बाधित होने की आशंका अभी से हो गई है । दूध वितरण में लगभग एक घंटे का समय लग सकता है । 40 मिनिट का एक पिरियड होता है ऐसे में दो पिरियड से ज्यादा सकय बर्बाद हो सकता है । सारंगपुरा पंचायत के सभी विद्यालयों में करिब 15 किलो दूध पहुंचाने के लिए एक दूधिए को जिम्मेदारी दी गई है जिससे समय पर दूध विद्यलायों में पहुंचना कतई संभव नही।