
मुकेश हिंगड़ /कृष्णा तंवर. उदयपुर. आयड़ नदी को संवारने व साल भर पानी भरा रहने का सपना साकार करने के लिए सबसे पहले पायलट प्रोजेक्ट में इस अभियान की शुरूआत की जाए। इसमें सबसे पहले आलू फैक्ट्री से लेकर ठोकर चौराहा तक का भाग लिया जाए। एक्सपर्ट के अनुसार ऐसा होने के बाद पूरे आयड़ की तस्वीर उभर कर सामने आ जाएगी। आयड़ नदी के विकास की योजना साकार करने में शुरूआत पायलट प्रोजेक्ट से करनी चाहिए। इंजीनियर राजेन्द्र कुमार सिंघवी, प्रवीण गुप्ता व सेवानिवृत अधिकारी मुकेश मेहता कहते है कि पांच लाख लीटर प्रतिदिन सीवेज पानी ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य आलू फैक्ट्री के पास चल रहा है और यह कार्य मार्च 2020 तक पूरा होने की संभावना है। वीडियो में देखे पूरी स्टोरी…