
बिट कॉइन की आड़ में पौंजी स्कीम ने लोगों को बनाया करोड़ नहीं ‘रोडपति’ , उदयपुर में 8 हजार लोगों के डूबे 15 करोड़
माेे. इलियास/ उदयपुर . क्रिप्टो करेंसी की तर्ज पर पौंजी स्कीम के जाल में उलझे निवेशकों के साथ ही एजेंट अब पुलिस की मदद ले रहे हैं। इस संबंध में शुक्रवार को इस्तगासे के जरिए चार मामले आए हैं, जिन्हें फिलहाल जांच में रखा गया है। कुछ एजेंट्स पुलिस के उच्चाधिकारियों से भी मिले और स्वयं की लिप्तता से इनकार किया। इधर, अम्बामाता थाने में दर्ज एक एफआईआर की जांच कर रही पुलिस के आईटी विभाग को और कई चौंकाने वाली जानकारियां मिली है। उल्लेखनीय है कि उदयपुर में करीब 8000 लोग 15 करोड़ रुपए इसमें डुबो चुके हैं।
मेवाड़ व वागड़ के कई लोग अरब देशों में नौकरी व व्यवसाय करते हैं। वहां से पैसा यहां लाने के लिए भी आभासी मुद्रा का जमकर इस्तेमाल हुआ। करोड़ों रुपए इधर-उधर किए गए। इसमें कुछ महिला एजेंटों के नाम भी आ रहे हैं। मोबाइल एप के जरिए करेंसी के इस आदान-प्रदान एवं डालर के आने-जाने के खेल में सरकार को भी टैक्स का भारी नुकसान हुआ।
यह है मामला
बिट कॉइन की आड़ में पौंची स्कीम चलाकर संचालक व उसके गुर्गों ने चार साल पूर्व चेन्नई व बेंगलूरु में कई निवेशकों को डुबाने के बाद राजस्थान में कदम रखे। यहां पर उन्होंने पुराने नेटवर्क में काम कर चुके 12 एजेन्ट व लीडर को जोडकऱ स्कीम का प्रचार- प्रसार कर राजस्थान व मध्यप्रदेश के निवेशकों को डुबाया। हालांकि अधिकाधिक निवेशकों को फंसाने की ऐवज में इन एजेन्टों को तो लेपटॉप, आइपैड, कारें गिफ्ट की गई तो कुछ को बैंकाक व दुबई सैर भी करवाई। कॉइन खरीदने वालों ने 24 हजार से लेकर 8 लाख तक का निवेश किया। तीन गुना पैसे का लालच देने वाली इस स्कीम के शुरुआत में प्रतिदिन तीन डॉलर आए लेकिन चार माह से यह रकम आनी बंद हो गई।
Published on:
2 Jun 2018, 4:50 PM IST
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