5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बेटियांं बनीं बॉस, पापा-मम्‍मी की गाइडेंस में संभाला ऑफ‍िस, आया कॉन्‍फ‍िडेंस

पत्रिका के अभियान ब‍िट‍िया एट वर्क के तहत
3 min read
Google source verification
बेटियांं बनीं बॉस,  पापा-मम्‍मी की गाइडेंस में संभाला ऑफ‍िस, आया कॉन्‍फ‍िडेंस

बेटियांं बनीं बॉस, पापा-मम्‍मी की गाइडेंस में संभाला ऑफ‍िस, आया कॉन्‍फ‍िडेंस

01.

ऑफिस का नाम: सनराइज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट
बिटिया का नाम: कशिश राजानी

माता का नाम: मोनिका राजानी, निदेशक

मम्‍मी के साथ उनके कार्यालय जाकर मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। इंस्टीट्यूट का संचालन, व्यवस्था एवं प्रबंधन की उनकी सीख मेरे जीवन के लिए आदर्श है। मैं बड़ी होकर प्रबंधन के कार्यों को सीखने का प्रयास करूंगी।

02.
ऑफिस का नाम: मिरण्डा सीनियर सेकण्डरी स्कूल

बिटिया का नाम- युगवी पालीवाल
माता का नाम- मोना पालीवाल, प्रधानाध्यापिका

आज मुझे मेरी मम्मी के साथ स्कूल संचालन समझने का अवसर मिला। स्कूल के संचालन एवं व्यवस्था की कार्यप्रणाली समझी। वहीं कार्यस्थल पर होने वाली चुनौतियों को भी समझना मेरे लिए खास अनुभव रहा।
------------------------------

03.
ऑफिस का नाम: स्वामी विवेकान्द सीनियर सेकण्डरी स्कूल

बिटिया का नाम- भव्या कावडिय़ा
माता का नाम- प्रतिभा कावडिय़ा, प्रधानाचार्य

मम्मी के साथ स्कूल जाने का अवसर मिला। पता चला कि वह कितनी मेहनत करती हैं। अध्यापकों को पढ़ाने के लिए ट्रेनिंग देना एवं बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना उनके कार्य का हिस्सा है। उनके काम को किस तरह मैनेजमेंट तरीके से किया जाता है। यह सीखकर बहुत अच्छा लगा

----------------------------

04.

ऑफिस का नाम: लाभगढ़ पैलेस रिसोर्ट व स्पा

बेटियों का नाम: रिद्विमा व ख्याति मेनारिया
पिता का नाम: उज्जवल मेनारिया

पापा के साथ उनके कार्यस्थल पहुंचकर हमने होटल मैनेजमेंट के गुर सीखे। आगन्तुक मेहमानों के साथ उनके व्यवहार और उनके प्रवास को बेहतर बनाने की कला को नजदीक से जाना। इसके अलावा पूरे स्टाफ का संचालन भी हमने सीखा। हमें अपने पिता की मेहनत पर गर्व है।

05.

ऑफिस का नाम: शिशु भारतीय सीनियर सेकण्डरी स्कूल

बिटिया का नाम- मेघा श्रीमाली
पिता का नाम- जितेश श्रीमाली, निदेशक

मुझे पापा के कार्यालय में बैठकर अच्छी अनुभूति हुई। साथ ही स्कूल व्यवस्था देखकर बहुत अच्छा लगा। स्कूल की दैनिक कार्यप्रणाली एवं चुनौतियों से लडऩे का साहस मिला।

06.

ऑफिस का नाम: डॉ. मेहता क्लासेज, भूपालपुरा
बेटी का नाम: शनाया मेहता

पिता का नाम: डॉ. सुशील मेहता

मैं पापा के ऑफिस मंमी के साथ जाती हूं। मेरे पापा डॉक्टर होकर भी प्रतिदिन बच्चों को पढ़ाते हैं। ये देखकर मुझे बहुत खुशी होती है। इससे मैं प्रेरित होती हूं और सोचती हूं कि बड़ी होकर मैं भी पापा के पदचिन्हों पर चलूंगी। मुझे मेरे पापा के कोचिंग सेंटर में रूकना अच्छा लगता है।
--------------------------------------------------