
दो हजार अफीम के डोडे चोरी
हेमन्त गगन आमेटा/भटेवर.. पशुचिकित्सा एवं पशुविज्ञान महाविद्यालय नवानिया में जनशिक्षा एवं विकास संगठन, माड़ा की मंथन परियोजना के अन्तर्गत छह दिवसीय ‘‘उन्नत पशुपालन’’ विषय पर चल रहे प्रशिक्षण शिविर का विधिवत समापन हुआ। महाविद्यालय अधिष्ठाता प्रो. आर. के. धूडिय़ा ने प्रशिक्षणार्थियों से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और कौशल का अपने साथियों तथा पशुपालकों के साथ साझा करे तभी इस प्रशिक्षण कि सार्थकता होगी। उन्होंने प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी से फीडबैक लिया और आवश्यक सुधार हेतु दिशा निर्देश दिए। प्रशिक्षण के दौरान महाविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा उन्नत पशुपालन के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों जैसे पशुपोषण एवं संतुलित आहार, पशुओं में बांझपन-कारण एवं निवारण, मुर्गीपालन-एक लाभकारी व्यवसाय, पशुओं में नस्ल सुधार तकनीक एवं लाभ, स्वच्छ दूग्ध उत्पादन, तकनीकी हस्तांतरण, महाविद्यालय की विभिन्न इकाईयों का भ्रमण, बकरी पालन पर डॉक्यूमेंटरी फिल्म ‘‘सन्देश’’ पशुपालन में प्रशिक्षण का महत्व बायो फ्यूल उत्पादन, मछली पालन आदि विषयों पर सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण आयोजित किये गये। प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. सी. एस. सारस्वत ने सभी वैज्ञानिको और प्रशिक्षणार्थियों का कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया।
Updated on:
25 Feb 2019 02:54 pm
Published on:
25 Feb 2019 02:46 pm
