
कम्पाउंडर के भरोसे आदर्श आयुर्वेद औषधालय
उदयपुर. कानोड़. कस्बे का राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय चिकित्सक के अभाव में केवल नाम का रह गया है। वर्तमान में औषधालय एक कम्पाउंडर के भरोसे चल रहा है। रोगियों को दवा तो मिलती है लेकिन चिकित्सक के अभाव में दिनों दिन लोगों का विश्वास उठने लगा है । किसी समय ५० से अधिक रोगियों की संख्या रहने वाले इस औषाधालय में आज चिकित्सक के अभाव में इक्का-दुक्का रोगी ही इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
गांवों में चिकित्सक, यहां अनदेखी: इस औषधालय में नगर सहित आस-पास के सैकड़ों गांवो के रोगी इलाज के लिए आते हैं लेकिन विभाग ने गांवों के छोटे औषधालय में चिकित्सक लगा रखे हैं लेकिन शहर के बड़े व आदर्श औषधालय को एक कम्पाउण्डर के भरोसे छोड़ रखा है । वही भीण्डर में दो, पाणुंद में एक व कानोड़ से महज चार कि.मी दूर राजपुरा में एक चिकित्सक की नियुक्ति की गई है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में चिकित्सक की नियुक्ति की गई, जहां नाम मात्र के रोगी देखे जाते हैं। आयुर्वेद औषधालय में चिकित्सक की मांग को लेकर लोग मुख्यमंत्री सहित विभाग अधिकारियों को पत्र भेज चुके हैं।
डायरी लिखवाने के लिए भटक रहे पेंशनर: औषधालय में चिकित्सक नहीं होने से सबसे ज्यादा पेरशानी पेंशनर को उठानी पड़ रही है। कम्पाउण्डर को पेंशनर की डायरी लिखने का अधिकार नहीं होने से पेंशनर को दूर दराज के गांव में चिकित्सक वाले औषधालय जाकर आयुर्वेद डाक्टर से डायरी में दवा लिखवानी पड़ रही है ।
Updated on:
10 Jan 2019 02:36 am
Published on:
10 Jan 2019 02:35 am
