4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

हर दूसरा बुजुर्ग प्रोस्टेट बढऩे से परेशान

- ढलती उम्र में प्रोस्टेट कर रहा है परेशान
2 min read
Google source verification
ढलती उम्र में प्रोस्टेट कर रहा है परेशान

ढलती उम्र में प्रोस्टेट कर रहा है परेशान

भुवनेश पण्ड्या

उदयपुर . ढलती उम्र में प्रोस्टेट की बीमारी आम बात होती जा रही है। इसके मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। उदयपुर में प्रोस्टेट के प्रतिदिन करीब 130 से 150 मरीज रोजाना सामने आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार प्रोस्टेट का असामान्य रूप से बढऩा एक ऐसी बीमारी है, जो 50 वर्ष की अधिक उम्र में हर दूसरे पुरुष को होती है, जिसको बेनियम प्रोस्टेटिक हायपर प्लेसिया के नाम से जाना जाता है।

----

ऐसे सामने आती है बीमारी

जिन पुरुषों को पेशाब करने में परेशानी होती है, उनकी जांच के लिए पोस्ट वोइड रेजिड्यूअल यूरिन वॉल्यूम प्रक्रिया को अपनाते हैं। इसमें ब्लैडर में बचे पेशाब का मापा जाता है ताकि पता चले कि उनमें यूरिन रिटेंशन कितना हो रहा है। इन पुरुषों में अनफ्लोमेट्री क्रिया भी करते हैं, पेशाब की प्रवाह और बल का पता चले। सही जानकारी के लिए प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीगम (पीएसए) जांच की जाती है। यह पदार्थ प्रोस्टेट ग्रंथि में पाया जाता है। जब प्रोस्टेट में बढ़त होती है, तब खून में पीएसए की मात्रा बढ़ जाती है। शरीर में पीएसए की मात्रा यदि असामान्य होती गई तो प्रोस्टेट कैंसर का भी खतरा हो सकता है।

----

प्रोस्टेट क्या है और उसमे बढ़त क्यों होती हैं:

प्रोस्टेट एक अखरोट के आकार की ग्रंथि है जो ब्लैडर के निचले हिस्से में होती है और मूत्रमार्ग को चारों ओर से घेरती हैं, वह सीमेन में जाने वाले रस को बनाती है। यह ग्रंथि सिर्फ पुरुषों में होती है और जीवनभर बढ़ती रहती है। इसके ज्यादा बढऩे पर मूत्र मार्ग पर दबाव पडऩे लगता है और पेशाब की धारा रुकने लगती है।

------

ये है कारण-उपाय:
- प्रोस्टेट का आकार उम्र के साथ बदलने वाले हार्मोनेस के कारण होता है। पुरुषों में पाया जाने वाला हार्मोन टेस्टोस्टेरोन मुख्य कारण है।

इलाज के लिए दवाइयों का इस्तेमाल तब किया जाता है, जब मरीज को केवल हल्के या मध्य लक्षण होते हैं। कोई परेशानी नहीं होती, लेकिन यदि मरीज कष्टदायी लक्षणों का सामना कर रहा हो तो प्रोस्टेट को छोटा करने के लिए सर्जरी की जाती है। उदयपुर के आरएनटी में आने वाले करीब 50 प्रतिशत मरीजों की सर्जरी की जाती है।
- प्रोस्टेट में सूजन के लिए होलमिअन लेजर प्रोस्टेट सर्जरी और मिनीमेली इनवेसिव क्रिया है, जिसे पेशाब की धारा रोकने वाली प्रोस्टेट टिश्यु को पूरी तरह से निकालने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

----

सरकारी चिकित्सालय में उपचार नि:शुल्क
सरकारी चिकित्सालय में खर्च नहीं है, जबकि निजी चिकित्सालयों में करीब 40 हजार रुपए तक खर्च होता है। इसमें सामान्य दूरबीन से करीब 15 से 20 हजार रुपए व लेजर मशीन से 30 से 40 हजार रुपए तक खर्च आता है।

पूर्व में प्रोस्टेट के ऑपरेशन के लिए भामाशाह योजना में सरकार 24 हजार रुपए जारी करती थी। बेवजह ऑपरेशनों की संख्या बढऩे के कारण इसे घटाकर साढ़े 11 हजार रुपए कर दिया गया। राजस्थान के मूल निवासी से तो कोई राशि नहीं ली जाती है। बाहरी राज्यों से आरएनटी में उपचार के लिए आने वाले मरीजों से भामाशाह योजना में तय की गई राशि बतौर शुल्क ली जाती है।
-----

प्रोस्टेट की समस्या उम्र ढलने के साथ बढ़ती जाती है। उदयपुर में इसके करीब 150 मरीज रोजाना सामने आ रहे हैं। कई आरएनटी में तो कुछ मरीज बाहरी चिकित्सकों से भी उपचार करवाते हैं।

डॉ सुनील गोखरू, यूरोलॉजिस्ट आरएनटी उदयपुर