
फायरिंग
मो. इलियास/ उदयपुर. बापूबाजार के भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में प्रोपर्टी डीलर हिस्ट्रीशीटर कन्नू कुमावत सहित शहर में अन्य जगहों पर हुई फायरिंग आजम के गुर्गे भीमा व आदित्य ने की थी। पुलिस को भीमा नाम का गुर्गा हाथ लग गया, जिससे अभी पूछताछ जारी है। हालांकि पुलिस ने अब तक किसी तरह को कोई खुलासा नहीं किया लेकिन फायरिंग की समस्त वारदातेंं खुलने का दावा किया है।
बापूबाजार में सहेलीनगर निवासी कन्हैया लाल (58) पुत्र डालचंद कुमावत पर सोमवार शाम बापूबाजार में दो नकाबपोश युवकों ने फायरिंग कर दी थी। पुलिस ने पीछा कर मौके से वैशाली जिले के वाजिदपुर जल्लाया निवासी पंकज (20) विश्वैश्वर साहनी पकड़ था। पूछताछ के बाद फरार आरोपी उत्तरप्रदेश के व्यासपुर साहूपुरी चंदोली निवासी आदित्य पुत्र मदनप्रताप सिंह राजपूत को नामजद किया था। पुलिस ने तकनीकी आधार पर जांच के बाद आदित्य के साथी भीमा को उठाया फायरिंगों के राज खुल गए। भीमा कहां है, आजम के सम्पर्क कैसे इसके बारे में अभी तफ्तीश जारी है। बताया जा रहा है आदित्य व भीमा में से किसी मुलाकात जेल में हुई थी। उसके बाद से आरोपी आजम के लिए काम कर रहे है।
बैंक पास बुक से खुले राज
आजम पुलिस की कार्रवाई से पूरी तरह से वाकिफ होकर काफी शातिर है। फरारी में भी वह बाहरी आरोपियों से शहर में अपराध को अंजाम दे रहा है। इस बार पुलिस ने उससे एकदम आगे जाते हुए पकड़ में आए पंकज से पूछताछ के बाद फरार आरोपी आदित्य के चंपालाल धर्मशाला के कमरे की तलाशी तो उन्हें वहां पर बैंक पासबुक मिल गई। बैंक एन्ट्री में 23 मई से लगातार ऑनलाइन पांच-पांच हजार रुपए करके करीब 40 हजार आजम द्वारा आदित्य के खाते में ट्रांसफर करने पुष्टि हो गई।
Published on:
20 Jul 2018 04:58 pm
