
human trafficking
मो. इलियास/उदयपुर . आदिवासी बहुल इलाके की एक युवती को गुजरात के दलालों को बेचकर जबरन वेश्यावृति के धंधे में धकेलने वाले गिरोह का भंडाफोड होने के बाद पुलिस को कोटड़ा वृत्त की कुछ और युवतियों की जबरन खरीद-फरोख्त कर बेचान का नया खुलासा हुआ है। पानरवा थाना पुलिस की टीम अभी गुजरात में डेरा डालकर युवतियों को पता लगाने में जुटी है।
पानरवा थाना पुलिस ने शनिवार को एक पीडि़ता के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में उसके प्रेमी टिंडोरी पानरवा निवासी विजय उर्फ विजेश कुमार ननामा, दलाल रिंटोड़ा भिलोड़ा गुजरात निवासी रामजी भाई पुत्र दौलाजी परमार व विवाह रचाने वाले सोनीसर साबरकांठा निवासी महेन्द्रसिंह पुत्र अदेसिंह झाला को गिरफ्तार किया था। आरोपियों में विजय सिंह ने अपने बचपन की प्रेमिका से विश्वासघात करते हुए उसे बहला-फुसलाकर गुजरात ले गया, जहां पर उसने दलाल रामजी भाई परमार एवं लीला बेन को युवती को दो लाख में बेच दिया। दलालों ने उसे वेश्यावृत्ति के धंधे में डालते हुए पहले कमाई की और बाद में महेन्द्रसिंह को पैसा लेकर उससे जबरन विवाह रचा लिया। युवती वहां से भागकर वापस गांव पहुंची और पूरी आपबीती सुनाई। पुलिस का कहना है मामले में अभी नामजद लीलाबेन व उसके साथ रहे सहयोगियों की गिरफ्तारी बाकी है।
लड़कियों की कमी से कर रहे धंधा
पुलिस ने बताया कि गुजरात के एक समाज विशेष में लड़कियों की कमी से चलते रामजी भाई व लीलाबेन तथा राजस्थान बॉर्डर से सटे ही कुछ लोग आदिवासी इलाके की लड़कियों की सौदेबाजी करने में लगे हैं। पीडि़ता से पूछताछ में खुलासा हुआ कि उससे पहले भी आदिवासी इलाके की दो से तीन लड़कियों को इसी तरह से जबरन वेश्यावृति में धकेलते हुए उन्हें बेचा गया। पुलिस अब उन युवतियों का भी पता लगाने में जुटी है।
Updated on:
19 Mar 2019 11:26 am
Published on:
18 Mar 2019 12:47 pm
