
ये तरीका अपना लिया तो आप गुस्से की कल्पना भी नहीं करोगे
उदयपुर. राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय में आंतरिक गुणवत्ता संवद्र्धन प्रकोष्ठ की ओर से संगठन व्यवहार एवं तनाव प्रबन्धन को लेकर मंगलवार को एक विस्तार व्याख्यान का आयोजन हुआ। मुख्य वक्ता डॉ. ईरा भटनागर ने अभिवृत्ति और योग्यता को समायोजित कर सफलता को प्राप्त करने वाले सूत्र को सुंदर उदाहरणों के साथ पेश किया। उन्होंने कहा कि जीवन में सकारात्मक रह कर ही कार्यस्थल पर तनाव को कम किया जा सकता है। लक्ष्यों को प्राप्त किया सकता है। प्राचार्य ऋतु मथारु ने कहा कि संगठन को परिवार समझ कर कार्य करने से सभी समस्याओं का समाधान संभव हो सकता है। क्षमा सामंजस्य एवं आपसी समझ किसी भी संगठन की सफलता के मूल मंत्र है। कार्यक्रम के प्रारम्भ में डॉ. प्रियम्वदा सोरल ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। समन्वयक डॉ. शशि सांचीहर ने शैक्षणिक स्थापना एवं लेखा शाखा को महाविद्यालय के तीन आधार स्तम्भ बताया। ऐसे में तीनों अंगो का तनाव मुक्त होकर कार्य करना महाविद्यालय की सफलता के लिए आवश्यक है। कार्यक्रम में परस्पर संवाद करते हुए सहभागियों ने विचार प्रकट किए। संचालन डॉ. कानन सक्सेना ने किया। समिति सदस्य डॉ. भावना पोखरना, डॉ. संध्या पठानिया एवं डॉ. साक्षी चौहान ने सक्रिय सहयोग किया।
Published on:
16 Jan 2019 01:18 am
