
दावों के बावजूद इस क्षेत्र में वॉल्टेज से 'बीमार है चिकित्सा व्यवस्था
उदयपुर/ फलासिया. करोड़ो रुपए खर्च कर फीडर रिनोवेशन जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की विद्युत गुणवत्ता सुधारने के दावे करने वाला अजमेर विद्युत वितरण निगम ग्रामीण इलाकों में लोगों के स्वास्थ्य को लेकर अनदेखी कर रहा है। गुणवत्ता विहिन बिजली से क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आम रोगी की जांच के लिए लगाए गए महंगे उपकरण सेवाएं देने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। इसके अलावा कम वॉल्टेज की समस्या से क्षेत्रवासियों को आटा पिसाने, पानी की मोटर चलाने सहित ढेरों समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। मानदण्ड से निर्धारित दूरी पर लगे ट्रांसफार्मर भी इसकी मूल वजह बनकर उभर रहे हैं, लेकिन सच यही है कि लोगों की शिकायतों के बावजूद स्थानीय निगम प्रबंधन मरीज की आवश्यकताओं को लेकर जरा भी जिम्मेदारी नहीं दिखा रहा।
एक्स-रे के लिए करो जेब ढीली
कहने को 123 राजस्व गांवों की पंचायत समिति फलासिया मुख्यालय पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ३६ तरह की स्वास्थ्य जांच की सुविधा है। इसी तरह एक्स-रे मशीन जैसी सुविधाएं भी हैं, लेकिन गुणवत्ता विहिन बिजली के अभाव में स्थानीय मरीजों को एक्स-रे कराने के लिए ४० किलोमीटर दूर स्थित झाड़ोल के लिए रैफर किया जाता है। गुजरात बॉर्डर पर स्थित सीएचसी से कई बार मरीजों को 100 किलोमीटर की दूरी तय कर नि:शुल्क दवाइयां और राजकीय स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटकना होता है। ऐसे में रोगी व परिजनों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ता है।
हमारी भी मजबूरी
कम वॉल्टेज के चलते एक्स-रे मशीन नहीं चलती। मजबूरी में मरीजों को अन्य राजकीय चिकित्सालय के लिए रैफर करना पड़ता है। कम वॉल्टेज की समस्या से पहले ही एक एक्स-रे मशीन खराब हो चुकी है।
डॉ. राहुल गौरख, प्रभारी, सीएचसी फलासिया
लंबी हैं बिजली लाइनें
उपभोक्ताओं की संख्या के हिसाब से बिजली लाइनें लंबी दूरी से खींची हुई हैं। सुबह 11 बजे बिजली उपभोग से लोड बढ़ जाता है। कम वॉल्टेज आता है। 3 से 4 ट्रांसफार्मर अतिरिक्त लगाने या फिर बोरिया पावर हाउस चालू करने से समस्या हल संभव है।
भुवनेश मीणा, कनिष्ठ अभियंता, फलासिया एवीवीएनएल
जानकारी में नहीं
कम वॉल्टेज की समस्या है। ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। ऐसा है तो जानकारी जुटाता हूं।
ए.एन. रंगवाला, सहायक अभियंता, झाड़ोल एवीवीएनएल
Published on:
03 Jun 2019 06:00 am
