6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

छोगाला छैल के जयकारों से गूंजा शहर, शाही लवाजमे से निकले ठाकुरजी के बेवाण

छोगाला छैल के जयकारों से गूंजा शहर - धूमधाम से मनाई जलझूलनी एकादशी - शाही लवाजमे से निकले ठाकुरजी के बेवाण - अबीर-गुलाल से सराबोर हुए प्रभु एवं भक्त - गणगौर घाट पर उमड़ी श्रद्धा
2 min read
Google source verification
छोगाला छैल के जयकारों से गूंजा शहर, शाही लवाजमे से निकले ठाकुरजी के बेवाण

छोगाला छैल के जयकारों से गूंजा शहर, शाही लवाजमे से निकले ठाकुरजी के बेवाण

उदयपुर . (Jaijhulni ekadashi)ढोल-नगाडे़, घंटा-घडिय़ाल, बैंड़बाजों व ध्वजा के साथ ही चंवर ढुलाते भक्तों शाही लवाजमे के साथ ठाकुरजी की (Jaijhulni ekadashi)रामरेवाडि़यां मन्दिरों से गणगौर घाट पहुंची। इस दौरान मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह- जगह ठाकुरजी का पुष्प वर्षा एवं गुलाल उड़ाकर स्वागत किया। शोभायात्रा में श्रद्धालुओं उत्साह से नाचते-गाते चल रहे थे।

अपराह्न में शहर से विभिन्न समाजों व मन्दिरों से ठाकुरजी के बेवाण रवाना हुए। शोभायात्राओं में शामिल श्रद्धालु छोगाला छैल की जय, लाडले लाल की जय, कृष्ण कन्हैया लाल की जय.., जय चारभुजानाथ की जय, हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल.. की जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। गणगौर घाट पर बेवाण पहुंचने के बाद सालिगराम जी को नए जल में स्नान करवाया। इस दौरान झील में प्रसाद लुटाया गया। भक्तों ने पानी के छींटे देकर ठाकुरजी को स्नान करवाया।
4 बजे निकली जगदीश की रामरेवाड़ी

शाम 4 बजे जगदीश मन्दिर से ठाकुरजी के जयकारों के बीच नीचे लाया गया। ढोल नगाड़ों के साथ रामरेवाड़ी को जगदीश मंदिर से माझी की बावड़ी स्थित मांजी के मंदिर तक शोभायात्रा के रूप में ले जाया गया। इसके बाद वहां से रामरेवाडि़यों को गणगौर घाट ले जाया गया। पुजारियों ने भगवान को झील में स्नान करवाया। पूजा-अर्चना के बाद भगवान को पुन: शोभायात्रा के रूप में मन्दिर लाया गया।
इसके बाद शाम करीब ५.३० बजे से आदि गौड़ ब्राह्मण पंचायत, भट्टमेवाड़ा ब्राह्मण, मेढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार, वारी, खटीक, कलाल, सुथार, मोची, भोई, वसीटा, मेवाड़ा प्रजापति, राजपूत, सेन, फूलमाली, पालीवाल, पूर्बिया सहित कई समाजों की रामरेवाडिय़ां गणगौर घाट पहुंची।

अखाड़ा प्रदर्शन

कई समाजों की रामरेवाडिय़ों में पहलवानों ने अखाड़ा प्रदर्शन किया। इसमें तलवार, मुद्गल व लट्ठ संचालन, आग के गोले में से कूदने सहित कई करतब दिखाए गए। इसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने भागीदारी की।

दिखी देशभक्ति
अस्थल मन्दिर से शाम करीब सात बजे रामरेवाड़ी रवाना हुई। शोभायात्रा में बैंडबाजे, घोड़ों पर सवार श्रद्धालु एवं धार्मिक झांकियां शामिल थी। लक्ष्मण पहलवान व्यायामशाला के पहलवानों ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति गीतों पर अखाड़ा प्रदर्शन किया।

गंगोद्भव कुंड पर उमडे श्रृद्धालु

आयड़ स्थित गंगोद्भव कुंड पर भी बड़ी संख्या में रामरेवाड़ी पहुंची। विभिन्न समाजों एवं मन्दिरों की रामरेवाडिय़ों के आने का क्रम दोपहर बाद से शुरू हो गया। महादेव धर्मोत्सव सेवा समिति,गंगू विकास समिति व सामाजिक संगठनों ने श्रद्धालुओं को फ ल, सेगारी नमकीन, कांगड़ी के लड्डू आदि का वितरण किया।

यहां भी हुए आयोजन
शहर के गोवर्धन सागर, बेदला, पुला, देबारी, कानपुर, नाई सहित कई जगह रामरेवाडिय़ां निकाली गई।