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विदेश में फंसे युवक ने मांगी व‍िदेश मंत्रालय से मदद, कंपनी पर लगाया प्रताडऩा का आरोप, पत्र किया वायरल

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विदेश में फंसे युवक ने मांगी व‍िदेश मंत्रालय से मदद, कंपनी पर लगाया प्रताडऩा का आरोप, पत्र किया वायरल

मो. इलियास/उदयपुर. गोगुन्दा के एक युवक ने दक्षिण अफ्रीका के सिशल नाम के टापू पर कार्यरत भारत की ही एक कंपनी पर बेरोजगारों को फांसने व प्रताडऩा का आरोप लगाते हुए एक पत्र वायरल किया। गांव के ही सूरत में रहने वाले एक युवक ने पत्र को ऑनलाइन विदेश मंत्रालय भेजकर मदद की गुहार किया। अब तक मंत्रालय से किसी तरह का जवाब नहीं मिला। इधर, वायरल हुए इस पत्र को लेकर गांव में काफी चर्चा है।

जसवंतगढ़ निवासी विमल पुत्र भवानी शंकर पालीवाल के नाम से वायरल हुए पत्र में विमल ने संबोधित करते हुए लिखा कि चाटियाखेड़ी निवासी मीठालाल नाम का व्यक्ति कच्छ भुज में एक कंपनी में काम करता है। उस कंपनी का दक्षिण अफ्रीका में सिशल नाम के टापू पर काम है। मीठालाल ने उसे फोन कर बताया कि कंपनी में एक कुक जरुरत है, वह अगर जाना चाहे तो वह उसकी वीजा व टिकट फ्री में करवा देगा। कंपनी की ओर से उसे 40 हजार रुपए माहवार वेतन मिलेगा तथा रहना खाना सब मुफ्त होगा।

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विमल ने लिखा कि पैसों की आवश्यकता होने पर वह 27 जुलाई को विदेश पहुंच गया। वहां उसे पहले से कुछ लोग काम करते हुए मिले। वहां जाने पर कंपनी ने उसका पासपोर्ट व वीजा ले लिया। 40 हजार वेतन की जगह उसे 25 हजार ही देना बताया। सिर्फ खाना बनाने की बात होने की बावजूद उसे वहां पर बर्तन, साफ सफाई के साथ ही अन्य कार्य करवाकर प्रताडि़त किया गया। जब वापस आना चाहा तो कंपनी ने पासपोर्ट व वीजा लौटाने से साफ इनकार कर दिया। कहा कि वीजा व टिकट के जो डेढ़ लाख रुपए खर्च हुए है वह राशि किसी रिश्तेदार से मंगवा तो उसे जाने दिया जाएगा अन्यथा उसे दो साल वहीं रहकर काम करना होगा।