
दिलो दिमाग पर छा गई नाचती कटपुतियां
उदयपुर . बाल दिवस के अवसर पर 5 दिवसीय नेशनल पपेट शो का आगाज लोककला मंडल के मुक्ताकाशी मंच पर पुतुल नाटक 'इच्छापुरनÓ से हुआ।
निदेशक डॉ. लईक हुसैन ने बताया कि संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली द्वारा कला मण्डल के सहयोग से इस राष्ट्रीय पुतुल नाट्य समारोह का उद्घाटन वयोवृद्ध पुतुल कलाकार पदमश्री सुरेश दत्ता, पद्मश्री दादी पदमजी, रियाज तहसीन, दौलत पौरवाल सहित अन्य किया।
अकादमी की समन्वयक शुभा सक्सेना ने बताया कि प्रथम प्रस्तुति रवीन्द्रनाथ की कहानी पर आधारित पुतुल नाटक में मानव की अवसरवादी प्रकृति की आलोचना की गयी है। इसमें उम्र और सामाजिक स्तर के परिवर्तन के माध्यम ये जीवन की सर्वोत्तम खुशी को प्राप्त करने के भ्रमात्मक विचार को दर्शाया गया है।
समारोह कि दूसरी प्रस्तुति समकालीन छाया पुतुल थियेटर, ओडिशा के श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ शेडो थिएटर के गौरांग चरणदास द्वारा निर्देशित नाटक 'क्रांति पथ पर शांति दूत की कथाÓ देश के प्रथम प्रधानमंत्री पण्डित जवाहरलाल नेहरू की जीवनी पर आधारित थी। जिसमें उनके बचपन, शिक्षा, गांधीजी के साथ भारत के महान स्वतंत्रता संग्राम में उनका मार्गदर्शन, अनेक संघर्षों, आंदोलनों आदि दृश्यों दमदार प्रस्तुति हुई।
गौरतलब है कि समारोह में प्रतिदिन तीन पुतली नाट्यो की प्रस्तुतियां शाम 6 बजे से प्रारम्भ होगी। समारोह के दूसरे दिन 15 नवंबर, शुक्रवार को डॉ. लईक हुसैन द्वारा निर्देशित एवं लिखित राजस्थान की पारंपरिक धागा पुतली शैली में नाटक 'स्वामी विवेकानन्दÓ एवं पारम्परिक दस्ताना पुतुल थिएटर उत्तर प्रदेश का नाटक 'गुलाबो सिताबोÓ तथा पारम्परिक छाया पुतुल थिएटर, तमिलनाडु का नाटक 'सीता की खोजÓ होंगे। इस दौरान आमजन के लिए प्रवेश नि:शुल्क रहेगा।
Updated on:
15 Nov 2019 11:08 am
Published on:
15 Nov 2019 01:57 am
