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अन्य राज्यों के लिए मिसाल है यह राज्य, इनके बारे में पढ़ोगे तो फेन हो जाओगे

नोर्थ ईस्ट यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम
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भगवती तेली/उदयपुर. लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। देश में सात चरणों में 11 अप्रेल से 19 मई तक चुनाव होने हैं। चुनाव घोषणा के बाद देश में मतदान जागरूकता बढ़ाने के लिए रैली, पोस्टर्स आदि के माध्यम से कई कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं। ऐसे में राजस्थान पत्रिका ने नेहरू युवा केन्द्र के यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम में उदयपुर आए पूर्वोत्तर भारत के युवाओं से वहां के चुनावी परिदृश्य और युवाओं की भागीदारी को लेकर बात की तो सामने आया कि पूर्वोत्तर राज्यों में एक ओर जहां युवा मतदान करने को अपनी जिम्मेदारी मानकर इसे निभाते रहे हैं, वहीं बुजुर्गों के लिए मतदान एक उत्सव की तरह होता है जहां विपरीत परिस्थिति में भी वे मतदान के लिए पहुंचते हैं। राजस्थान जनसंख्या और क्षेत्रफल के मामले में पूर्वोत्तर भारत के राज्यों से बड़ा है लेकिन पूर्वोत्तर के राज्य कई मायनों में हमसे आगे हैं। अगर हम बात करें लोकसभा चुनावों की या फिर साक्षरता की, पूर्वोत्तर भारत के राज्य इस मामले में न सिर्फ राजस्थान बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल है।

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साक्षरता में भी जागरूक

पूर्वोत्तर के युवाओं ने बताया कि क्षेत्र में साक्षरता को लेकर विशेष जागरूकता है। गरीबी के बावजूद लोग अपने बच्चों को स्नातक तक की पढ़ाई करवाते हैं। सरकारें भी शिक्षा को लेकर ज्यादा रुचि लेती हैं। इसका नतीजा है कि मिजोरम 2011 के आंकड़ों के अनुसार 91.58 प्रतिशत साक्षरता के साथ देश में दूसरे और त्रिपुरा 87.75 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा। हालांकि सितम्बर 2013 में त्रिपुरा ने 94.65 प्रतिशत के साथ देश में सबसे साक्षर होने का दावा किया था। राजस्थान का साक्षरता दर 67.06 प्रतिशत के साथ कुल 36 में से 33वें स्थान पर है।

लोकसभा 2014 में पूर्वोत्तर के राज्य आगे
लोकसभा चुनाव मई 2014 के मतदान प्रतिशत पर नजर डालें तो सर्वाधिक मतदान वाले राज्यों में टॉप तीन राज्य नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम पूर्वोत्तर भारत से थे। रिकॉर्ड 87.82 प्रतिशत मतदान नागालैंड में हुआ। त्रिपुरा (84.72 ) दूसरे, सिक्किम (83.37 ) तीसरे, असम (79.88) आठवें, मणिपुर ( 79.62) नौवें एवं अरुणाचल प्रदेश (78.61 प्रतिशत) दसवें स्थान पर रहा। ऐसे में पूर्वोत्तर के आठ में से छह राज्य मतदान के मामले में देश के टॉप टेन में रहे। दूसरी ओर, राजस्थान में मतदान प्रतिशत महज 63.09 रहा, जो 35 राज्यों में 28वें नम्बर पर था।