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Padmavati फिल्म के विरोध में सर्व समाज हुआ एकजुट, ग्रामीणों ने चौराहों पर फूंके भंसाली के पुतले, किया प्रदर्शन, देखे VIDEO

-आक्रोश : लूणदा से कानोड़ तक निकली वाहन रैली, अधिकारी को ज्ञापन देकर की फिल्म के प्रदर्शन पर रोक  
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कानोड़. करणी सेना सहित सर्व समाज के लोगों ने वाहन निकाली। रास्तेभर निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली के खिलाफ नारे लगाने के बाद पुतला जलाया यगा। रैली लूणदा से रवाना होकर दोपहर दो बजे कानोड़ आई और मुख्य मार्गों से होते हुए कोर्ट चौराहा पहुंची, जहां विरोध प्रदर्शन किया गया।

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पुतला दहन के बाद जनसमूह नायब तहसील कार्यालय पहुंचा। नायब तहसीलदार मुबारिक हुसैन को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया। इसमें फिल्म पद्मावती पर स्थायी रोक लगाने की मांग के साथ चेतावनी दी गई कि इसका प्रदर्शन हुआ तो उग्र आंदोलन होगा। इस दौरान जनता सेना युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष खेमेन्द्रसिंह कृष्णावत, सारंगपुरा (कानोड़) सरपंच उदयलाल जाट, जनता सेना के प्रदेश मंत्री नेपालसिंह राठौड़, करणी सेना के इकाई अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह, किशनलाल धाकड़, जीवनसिंह गौड़, विक्रम सिंह गौड़, छात्रसंघ अध्यक्ष ललितसिंह, पार्षद कोमल कामरिया, भवानीसिंह, बजरंगदास वैष्णव, भोपाल सिंह सोलंकी, अरुण भानावत, पंकज सोनी, महावीर सिंह कृष्णावत, मानसिंह चौहान, लालसिंह चूंडावत सहित सर्व समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे।

लूणदा. रावला चौक स्थित ठाकुरजी मन्दिर परिसर में सर्व समाज की सभा हुई। मुख्य अतिथि करणी सेना के जिलाध्यक्ष दिग्विजयसिंह, विशिष्ट अतिथि में विक्रमसिंह, ललित सिंह, सुरेन्द्रसिंह आदि थे। अध्यक्षता विजयसिंह कृष्णावत ने की। वक्ताओं ने कहा कि रानी पद्मावती समग्र हिन्दू समाज के लिए प्रेरणा थीं। सर्व समाज उन्हें माता के रूप में मानता है। फिल्म में उनके चरित्र को गलत ढंग से दर्शाने का प्रयास किया जा रहा है।

जनता सेना के नेपालसिंह राठौड़, जनता सेना लूणदा मंडल युवा मोर्चा अध्यक्ष खेमेन्द्रसिंह कृष्णावत, उदयलाल सुथार संग्रामपुरा आदि ने संबोधित किया। सभा के बाद बस स्टैंड पर भंसाली का पुतला फूंका गया, जिसके बाद चार दर्जन से ज्यादा दोपहिया, चारपहिया वाहनों पर जनसमूह कानोड़ नायब तहसील कार्यालय के लिए रवाना हुआ। लूणदा सरपंच नारायणलाल मीणा, अमरपुरा जागीर से दलीचन्द मीणा, उपसरपंच हिम्मतदास वैष्णव, भारतसिंह कृष्णावत, महावीरसिंह कृष्णावत, चेतन कुमार जैन, सुनीलकुमार जैन, मोहन वेद, मानसिंह चौहान आदि मौजूद थे।

जगत/गींगला. जनता सेना कुराबड़ मंडल की ओर से कुराबड़ में बस स्टैंड से नायब तहसील कार्यालय तक रैली के बाद नायब तहसीलदार मुबारिक हुसैन को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया। ब्लॉक अध्यक्ष कल्याण सिंह सिकरवार एवं जिला उपाध्यक्ष जगदीश वैष्णव के नेतृत्व में निर्माता-निर्देशक भंसाली के खिलाफ नारेबाजी हुई। ज्ञापन में चेताया कि फिल्म को नहीं रोका गया तो प्रदर्शन होगा।

भीण्डर. जनता सेना की ओर से 24 नवंबर को उदयपुर कलेक्ट्री पर फिल्म पद्मावती के विरोध में होने वाले धरना-प्रदर्शन में भीण्डर के क्षत्रिय युवा संगठन ने समर्थन की घोषणा की है। अध्यक्ष प्रेमसिंह चौहान ने बताया कि फिल्म इतिहास से परे बनाई गई है, जिससे सभी समाजों की भावनाएं आहत हुई हैं।

फिल्म रिलीज हुई तो होगा आंदोलन

गोगुन्दा. तहसील क्षेत्र के राजपूत समाज व ग्रामीणों ने फिल्म को प्रतिबंधित करने के लिए तहसीलदार हुकुमकुंवर को ज्ञापन दिया। प्रधान पुष्कर तेली, नांदेशमा भाजपा मंडल अध्यक्ष व राजपूत समाज के लक्ष्मणसिंह झाला ने बताया कि मां पद्मावती का मेवाड़ के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान है। मेवाड़ी की आन-बान और शान के लिए उनका बलिदान अविस्मरणीय है। फिल्मकार ने पटकथा में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाडक़र जन भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। फिल्म रिलीज हुई तो इसका बहिष्कार और आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान उपप्रधान पप्पू राणा, गोगुंदा सरपंच गागुलाल मेघवाल, चोरबावड़ी सरपंच नाहरंिसंह देवड़ा सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि व ग्रामीण मौजूद थे।

सांसद जोशी ने लिखा केन्द्र को पत्र
मेनार. चित्तौडग़ढ़ सांसद सी.पी. जोशी ने केन्द्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी , राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ तथा सेंसर बोर्ड अध्यक्ष को पत्र लिखकर फिल्म के प्रदर्शन पर रोक की मांग की है। सांसद ने पत्र में स्पष्ट किया है कि रानी पद्मिनी मेवाड़ की जनता की आस्था का केन्द्र रही हैं। व्यावसायिक लाभ के लिए फिल्मकार इस चरित्र को वास्तविक तथ्यों से परे तथा जन भावनाओं के प्रतिकूल दर्शा रहे हैं। इससे मेवाड़ का जन मानस आहत और आक्रोशित है।