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उदयपुर के इस अस्‍पताल में नया नियम आया तो नर्सेज उतर आए विरोध में, जानें आखिर क्‍याेें बरपा है हंगामा..

राजस्थान नर्सिंग एसोसिएशन ने मोर्चा खोला
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उदयपुर . पन्नाधाय राजकीय महिला चिकित्सालय में अधीक्षक एवं नर्सिंग स्टाफ के बीच तनातनी बढ़ गई है। मौखिक आदेश को तुगलकी फरमान बताते हुए राजस्थान नर्सिंग एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है। दूसरी ओर संगठन ने अधीक्षक के नाम ज्ञापन देकर नर्सिंग कार्मिकों की समस्याओं के निस्तारण की अपील भी की है। यह कहते हुए कि निदेशालय के आदेश के तहत नर्सिंग स्टाफ से जॉब चार्ट के विपरीत काम नहीं कराया जा सकता। इधर, अधीक्षक डॉ. सुनीता माहेश्वरी ने दावा किया कि आदेश के तहत कोई भी कार्य जॉब चार्ट के विपरीत नहीं है।

विवाद की वजह 3 अक्टूबर को अधीक्षक के मौखिक आदेश से जुड़ा हुआ वह खत है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि ओपीडी समय बाद चिकित्सक की अनुपस्थिति में नर्सिंग स्टाफ स्वविवेक पर चिकित्सकीय राय के बिना सीधे वार्ड में भर्ती किया जाएगा। इसके बाद मरीज का उपचार होगा। प्रशासनिक स्तर पर थोपे जा रहे आदेश को लेकर स्टाफ में खलबली मच गई है। संगठन ने अधीक्षक के उस बयान की भी निंदा की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि चिकित्सक ड्यूटी के दौरान सो सकता है। नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी है कि वह मरीज की सूचना देकर चिकित्सक को जगाए। कड़वा सच यह भी है कि चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के बीच तनातनी भरे माहौल से विभागीय कार्यप्रणाली पर कुछ असर हो या नहीं हो। इतना तय है कि मरीज हित में यह विवाद कष्टदायक होगा।

यह है आदेश : जारी आदेश में लिखा है कि चिकित्सालय अधीक्षक एवं सभी यूनिट हेड के बीच उपस्थित तीनों नर्सिंग अधीक्षक एवं ओपीडी इंचार्ज की बैठक हुई। अधीक्षक ने मौखिक आदेश दिए कि ओपीडी समय के बाद कमरा नंबर 11 व 12 प्रतिदिन बंद रहेगा। सीएमओ का कार्य रजिस्ट्रेशन कॉर्नर के पास कमरा नंबर 7 में होगा। नर्सिंग स्टाफ की ओर से ओपीडी समय के बाद आने वाले मरीज को बिना चिकित्सक राय के सीधे वार्ड में भर्ती किए जाएंगे।

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नर्सिंग स्टाफ के तय दायित्वों को ध्यान में रखकर सेवाएं ली जाएं। दुर्भावनावश कार्य कराने की बजाय नियमों के अनुसार उन्हें जिम्मेदारी सौंपी जाए।
हेमंत आमेटा, अध्यक्ष, आरएनए


जॉब चार्ट के हिसाब से नर्सिंग स्टाफ को दायित्व सौंपे हैं। तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है। जॉब चार्ट के हिसाब से नर्सिंग स्टाफ, चिकित्सक के सुपरविजन में प्रसव कराने से भी परहेज करते हैं। आपसी चर्चा का समय शनिवार दोपहर एक बजे निर्धारित किया है। सुलह से ही रास्ता निकलेगा।
डॉ. सुनीता माहेश्वरी, अधीक्षक, पन्नाधाय महिला चिकित्सालय