Pride of India Collection : लेकसिटी के संग्राहक भाणावत के पास 25 डाक टिकटों की शृंखला-गाथा

Pride of India Collection : लेकसिटी के संग्राहक भाणावत के पास 25 डाक टिकटों की शृंखला-गाथा

Krishna Kumar Tanwar | Publish: Oct, 10 2018 06:27:55 PM (IST) | Updated: Oct, 10 2018 06:27:56 PM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

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राकेश कुमार ‘राजदीप’/उदयपुर. यों तो हम सभी डाक टिकटों के चलन और महत्व से भलीभांति परिचित हैं। मोबाइल और इंटरनेट के दौर में भी डाक टिकट गाहे-ब-गाहे अपनी उपयोगिता साबित करते रहते हैं। हम सभी ने कागज पर छपे या कागज से बने डाक टिकट देखे और सुने हैं। इस बीच अगर कोई सोने के डाक टिकटों की बात करे तो एकबारगी हर कोई हैरान जरूर हो जाएगा। लेकिन, यह सच है कि इस देश के डाक टिकटों के प्रकाशन इतिहास में साल 2009 की 5 फरवरी को (प्रथम स्वाधीनता संग्राम 1857) पर पूर्व में छपे डाक टिकट को शुद्ध चांदी में ढालने के बाद सोने की परत चढ़ाकर खास संग्रह के प्रयोजन से जारी किया गया।

डॉ. कलाम ने जताई थी इच्छा

शहर के संग्रहकर्ता और मेवाड़ फिलैटली सोसायटी के संस्थापक अध्यक्ष विनय भाणावत ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम एक बार नेशनल फिलैटेलिक म्यूजियम, दिल्ली विजिट करने गए। उस दौरान प्रदर्शित डाक टिकटों में उन्हें कुछ इतने पसंद आए कि उन्होंने उन टिकटों को धातु में ढालकर सहेजने का प्रस्ताव रखा। जिसपर तुरंत अमल किया गया और पूर्व में छपे कुल 25 डाक टिकट उसी आकार में तथा 2.2 मिलीमीटर मोटाई में चांदी में बनाकर 24 कैरेट सोने की परत चढ़ाई गई। प्रत्येक डाक टिकट की कीमत 6 हजार रुपए रखी गई ऐसे में पूरे सैट की कीमत डेढ़ लाख रुपए आई। इन सभी टिकटों पर भारतीय डाक विभाग सहित निर्माण करने वाली कंपनी का हॉलमार्क अंकित है।

 

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ये थे वे खास टिकट

वर्ष 1973 में जारी बनी-ठनी, किशनगढ़, वर्ष 2004 में जारी ताजमहल, वर्ष 1971 में जारी इंडियन क्रिकेट, वर्ष 1947 में जारी इंडियन फ्लैग, वर्ष 1976 में जारी वंदेमातरम्, वर्ष 1950 में जारी इंडिया बिकम्स् ए रिपब्लिक, वर्ष 1949 में जारी रेड फोर्ट-दिल्ली, वर्ष 1951 में जारी फस्र्ट एशियन गेम्स-न्यू दिल्ली, वर्ष 2007 में जारी द बुद्धा, वर्ष 1987 में जारी इंडिया गेट, वर्ष 1952 में जारी रविन्द्रनाथ टेगौर, वर्ष 1980 में जारी मदर टेरेसा, वर्ष 1994 में जारी सत्यजीत रे, वर्ष 2008 में जारी मधुबाला, वर्ष 1969 में जारी महात्मा गांधी, वर्ष 2004 में जारी 150 ईयर्स ऑफ इंडिया पोस्ट, वर्ष 2002 में जारी कथकलि डांसर, वर्ष 1978 में जारी कृष्णा एंड अर्जुन बैटल चेरियट, वर्ष 1994 में जारी जेआरडी टाटा, वर्ष 1963 में जारी द टाइगर, वर्ष 2002 में जारी इंडियन रेलवेज, वर्ष 2003 में जारी नाइंटीन्थ सेंचुरी मीनाकारी, वर्ष 2007 में जारी प्रथम स्वाधीनता संग्राम 1857, वर्ष 2000 में जारी अग्नि सैकण्ड रॉकेट एंड डॉव तथा वर्ष 2002 में जारी धीरूभाई अंबानी जैसे विषयों वाले ये सभी डाक टिकट देश के गौरवशाली अतीत, प्रगति गाथा, कला-संस्कृति, शिल्प, पर्यावरण, सामरिक महत्व और खेल उपलब्धियों को रेखांकित करते हैं।

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