9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

उदयपुर में नेतावतों की भागल सड़क पर HC का स्थगन, काश्तकारों की स्वीकृति और बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए बना दी सड़क

उदयपुर में काश्तकारों की स्वीकृति और बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए ही सड़क बना दी गई थी। नेतावतों की भागल सड़क पर राजस्थान हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश दिया है।

less than 1 minute read
Google source verification
Udaipur road dispute

Udaipur road dispute (Patrika Photo)

उदयपुर: नेतावतों की भागल में सड़क निर्माण पर लंबे समय से चल रहे विवाद में राजस्थान हाईकोर्ट ने काश्तकारों की बड़ी राहत दी। कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी के सड़क निर्माण कार्य पर अंतरिम रोक लगा दी। अब सार्वजनिक निर्माण विभाग अगले आदेश तक सड़क निर्माण नहीं कर सकेगा।


न्यायलय ने मामले में पीडब्ल्यूडी के सचिव, पीडब्ल्यूडी उदयपुर के अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता जिला खंड द्वितीय, जिला कलेक्टर एवं अध्यक्ष प्रबंध समिति डीएमएफटी उदयपुर, एवं प्रबंध समिति डीएमएफटी सदस्य सचिव, ग्राम पंचायत लोसिंग तथा सरपंच विकास अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।


निजी खातेदारी भूमि पर सड़क का विरोध


काश्तकारों का आरोप था कि नेतावतों की भागल में सड़क निर्माण के लिए उनकी निजी खातेदारी जमीन का हिस्सा भी पीडब्ल्यूडी ने स्वीकृति और बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए ले लिया। विरोध के बावजूद स्थानीय प्रशासन की जनसुनवाई में उन्हें राहत नहीं मिली। तत्कालीन एसडीएम भी मौके पर पहुंची, लेकिन काश्तकारों की समस्या का निदान नहीं हो पाया।


इसके अलावा हर जनसुनवाई में काश्तकारों अपनी पीड़ा को उठाया। कहीं से भी राहत नहीं मिलने पर सभी कोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए काश्तकारों की अपील को स्वीकार किया और सड़क निर्माण पर अंतरिम स्थगन आदेश जारी कर दिया।


कोर्ट का क्या कहना है


कोर्ट का कहना है कि संबंधित अधिकारी अगली सुनवाई में अपना जवाब प्रस्तुत करें। ग्रामीणों ने कोर्ट को बताया कि नेतावतों की भागल तक जाने के लिए पहले से एक वैकल्पिक मार्ग मौजूद था। इसके बावजूद दूसरे रास्ते पर नई सड़क बनाने का कार्य शुरू कर दिया।