1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जलझूलनी एकादशी: उदयपुर में पालकी में विराज पिछोला घाट पहुंचे ठाकुरजी, किया नवनीर स्नान, देखें video

- जलझूलनी एकादशी पर निकली रामरेवाडिय़ां

2 min read
Google source verification
JALJHULANI EKADASHI

उदयपुर . जलझूलनी एकादशी शनिवार को मनाई गई। इस दिन ठाकुरजी पालकियों में विराजित होकर शाही लवाजमे के साथ नवनीर स्नान के लिए घाट पर पहुंचेे। अभिषेक और पूजा के बाद ठाकुरजी मंदिर में लौटेे।

जगदीश मंदिर के पुजारी रामगोपाल ने बताया कि सुबह सबसे पहले ठाकुरजी को पंचामृत स्नान कराया गया। इसके बाद भगवान को केसरिया वस्त्र धारण कराए गए। राजभोग की झांकी में विशेष पकवान के भोग लगाए गए। दोपहर 3.30 बजे मंदिर से शाही लवाजमे के साथ राम रेवाड़ी निकाली गई। राम रेवाड़ी में बांकेबिहारी, अक्षय स्वरूप, सालिगरामजी का विग्रह रूप रहा। गणगौर घाट पर अभिषेक और पूजा की गई। विभिन्न मार्गों से होते हुए रामरेवाड़ी पुन: मंदिर पहुंची। बाद में विशेष कीर्तन हुए।

यहां भी निकली रेवाडिय़ां

अस्थल आश्रम, मीठारामजी का मंदिर, भट्ट मेवाड़ा समाज के लक्ष्मीनारायण मंदिर, स्वर्णकार समाज के चारभुजानाथ मंदिर, खटीक समाज, तम्बोली समाज संस्था की नरसिंह भगवान, सेन समाज के चारभुजा नाथ मंदिर सहित अन्य समाजों की रामरेवाडिय़ां भी निकलीं। इधर, देवाली में शोभायात्रा में गवरी भी शामिल हुई।

भटेवर में निकाली गई प्रभु चारभुजानाथ की रामरेवाड़ी

भटेवर कसबे सहित आस पास के गाँवों में जलझूलनी एकादशी के उपलक्ष में गाजे बाजे व नाचते गाते हुए भगवान चारभुजा नाथ की रामरेवाड़ियां निकाली गई। जिसमें भगवान चारभुजा नाथ को रामरेवाड़ी में बिठा कर गांव के तालाब पर परम्परागत शाही स्नान करवाने के लिए ले जाया गया। तालाब पर स्नान करवाने के बाद ठाकुर जी को श्रृंगार धरा कर वापिस रामरेवाड़ी में सुशोभित करवाया गया। इसी बीच में ग्रामीणों ने भजन कीर्तन व भजनों पर नृत्य किया। इसके बाद पुनः भगवान को बैंड बाजो के साथ शौभायत्रा के रूप में गांव में लाया गया। गांव में पहुचते ही जगह जगह पर ठाकुर जी की रामरेवाड़ी पर गुलाल व पुष्प की वर्षा की गई। इसी बीच में श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी के नारियल धूप बत्ती चढ़ा कर दर्शन किए। गांव में चारभुजा जी के मंदिर पर पहुचने के बाद मंदिर में भगवान ठाकुर जी को रामरेवाड़ी सहित झूला झुलाया गया। इसके बाद भगवान की आरती हुई और प्रसाद वितरित किया गया।।


बड़ी खबरें

View All

उदयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग