6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

रणधीर सिंह की वापसी तय आज या बाद में ! , भाजपा और सोशल मीडिया पर एक यही चर्चा..

www.patrika.com/rajasthan-news
2 min read
Google source verification
randhir singh bhinder

रणधीर सिंह की वापसी तय या बाद में ! - भाजपा और सोशल मीडिया पर एक ही चर्चा

मुकेश हिंगड़ /उदयपुर. भाजपा के द्वार से राजनीति में आने वाले वल्लभनगर के निर्दलीय विधायक रणधीर सिंह भींडर को लेकर इन दिनों गांवों के चौपाल से लेकर सोशल मीडिया पर एक ही चर्चा चल रही है कि मुख्यमंत्री की भींडर सभा में रणधीर सिंह की भाजपा में वापसी हो रही है क्या। यह चर्चा भाजपा के अंदर भी बड़े स्तर पर चल रही है लेकिन इसका जवाब किसी के पास नहीं है, सब एक ही जवाब दे रहे हैंं कि यह टॉप स्तर सीक्रेट मामला है कुछ पता नहीं। सूत्रों की मानेंं तो शुक्रवार को उनकी भाजपा में वापसी हो सकती है या इसे अगले किसी कार्यकम तक टाल भी सकते हैंं। राजस्थान गौरव यात्रा के रथ पर सवार होकर सीएम वसुंधरा राजे शुक्रवार को वल्लभनगर विधानसभा के भींडर कस्बे में पहुंच रही है। रणधीर सिंह के गृह क्षेत्र भींडर में उनकी बड़ी सभा है और उस सभा में भारी भीड़ जुटाने में रणधीर लगे हुए हैंं। इस सभा को लेकर वल्लभनगर की भाजपा ने विरोध किया और उन्होंने अपनी तरफ से भटेवर में भी सभा कराने का निर्णय कर दिया। रणधीर सिंह एक ही बात कह रहे है कि मुख्यमंत्री ने वल्लभनगर विधानसभा को बहुत कुछ दिया है तो हम और जनता उनका बड़े स्तर पर स्वागत करेंगे और उसी तैयारियों में लगे हुए हैंं।

READ MORE : विदेश में फंसे युवक ने मांगी व‍िदेश मंत्रालय से मदद, कंपनी पर लगाया प्रताडऩा का आरोप, पत्र किया वायरल

कटारिया की सहमति!

भाजपा के अंदर चर्चा है कि रणधीर को पार्टी में लेने का मन पार्टी का हो चुका है लेकिन अब उनको शुक्रवार की सभा में ही शामिल किया जाएगा या बाद में किसी अन्य मौके पर। पार्टी के अंदर से सामने आया है कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में सीएम की सभा भींडर में तय हुई है तो वह यात्रा के संयोजक व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया की सहमति से ही, सूत्रों की मानेंं तो कटारिया भी सॉफ्ट हुए हैंं उसी के तहत यह स्थिति बनी है, वैसे कटारिया ने अभी तक अपनी तरफ से इस मामले में कोई बयान नहीं दिया है। उल्लेखनीय है कि रणधीर सिंह की पार्टी में वापसी बहुत पहले हो जाती थी लेकिन कटारिया के नहीं चाहने से मामला अटक गया था, रणधीर ने निर्दलीय विधायक का चुनाव भी जीत लिया और जनता सेना का गठन भी कर लिया।