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आजादी के बाद पहली बार बनेगी धोलागढ़ तक सड़क

road devlopment 85 लाख की लागत से शेषपुर मोड़ से धोलागढ़ तक 5 किमी लम्बा रास्ता होगा पक्का
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आजादी के बाद पहली बार बनेगी धोलागढ़ तक सड़क

आजादी के बाद पहली बार बनेगी धोलागढ़ तक सड़क

उदयपुर/ झल्लारा. road devlopment मार्च माह में प्रस्तावित धोलागढ़ की तलहटी में होने वाले अतिरूद्र महायज्ञ एवं सहस्त्रचण्डी के मद्देनजर राज्य सराकर ने बड़ी सौगात देते हुए शेषपुर मोड़ से केनर तक पेवरीकरण व केनर से धोलागढ़ की तलहटी तक सड़क निर्माण की घोषणा की। राज्य सरकार ने शेषपुर मोड़ से केनर तक पेवरीकरण के लिए 25 लाख, केनर से धोलागढ़ तक नवीन सड़क निर्माण के लिए 60 लाख का बजट स्वीकृत हुआ है। इसको लेकर रुद्रवाहिनी संघ ने अभिनंदन समारोह आयोजित किया। समारोह में जनजाति विकास राज्यमंत्री अर्जुन बामनिया, सीडब्लूसी सदस्य रघुवीर सिंह मीणा, पूर्व विधायक नगराज मीणा, लसाडिय़ा-झल्लारा ब्लॉक अध्यक्ष महेन्द्र सिंह चौहान, डूंगरपुर जिलाअध्यक्ष व समाजसेवी दिनेश खोडनिया आदि उपस्थित थे। रूद्रवाहिनी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगी प्रकाशनाथ और टीम ने सभी अतिथियों का स्वागत कर आभार जताया। आगामी वर्ष मार्च में धोलागढ़ की तलहटी में रूद्रवाहिनी संघ की ओर से अतिरूद्र महायज्ञ व सहस्त्र चण्डी महायज्ञ प्रस्तावित है। इसमें हजारों की तादात में श्रद्धालु सहित जनप्रतिनिधि भाग लेंगे। इस क्षेत्र में आने-जाने के लिए रास्ता कच्चा होने से श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। समस्या को लेकर क्षेत्र में पक्की सड़क की मांग लम्बे समय से की जा रही थी।

ये भी थे मौजूद
समारोह में ब्लॉक अध्यक्ष महेन्द्र सिंह चौहान,वरिष्ठ कार्यकर्ता परमानंद मेहता, वालजी भाई पाटीदार, कन्हैयालाल कलाल, गिरिजाशंकर भट्ट, गणेश मेहता, उषा मीणा, पूर्व उपसरपंच रामसिंह चुण्डावत, जिला अध्यक्ष मावजी पटेल, गणपत सिंह आदि मौजूद थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष योगी ने सरकार का आभार जताया।

उबड़-खाबड़ रास्ते से गुजरते हैं श्रद्धालु
सलूम्बर तहसील में करीब ढाई किमी ऊंचाई पर घुमावदार पहाड़ी पर पंचमुखी शिव का पौराणिक मंदिर है, जहां हर साल भाद्र पक्ष की अमावस्या पर मेला भरता है। उदयपुर संभाग सहित देशभर से सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं। केनर से पर्वत की तलहटी तक उबड़-खाबड़ व पथरीला मार्ग है, जहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को समस्या का सामना करना पड़ रहा था। road devlopment आजादी के बाद क्षेत्रवासिायों की लम्बी मांग के बावजूद यहां सड़क नहीं बनी।