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उदयपुर
video : स्मार्ट सिटी और दुनिया का तीसरा सबसे खूबसूरत शहर का ये हाल देखेंगे तो आप भी चौंक पड़ेंगे.. यकीन ना हो तो खुद ही देख‍िए..
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video : स्मार्ट सिटी और दुनिया का तीसरा सबसे खूबसूरत शहर का ये हाल देखेंगे तो आप भी चौंक पड़ेंगे.. यकीन ना हो तो खुद ही देख‍िए..

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मुकेश ह‍िंगड़/उदयपुर . स्मार्ट सिटी के टॉप शहरों के बाद भले ही उदयपुर दुनिया का तीसरा सुंदर शहर घोषित हो गया है लेकिन जगह-जगह गड्ढे व आवारा पशुओं का विचरण इस खूबसूरती पर दाग लगा रहा है। पशुओं के झगड़े में गत वर्ष एक विदेशी पर्यटक घायल हो गई। उसके बाद से ऐसे पशुओं को पकडऩे के लिए पता नहीं कितनी टीमें लगाई और खूब खर्चा किया लेकिन अभी तक यह नासूर भरा नहीं। इसी तरह शहर में जगह-जगह गड्ढे राहगीरों व वाहन चालकों को चोटिल कर रहे हैं। कागजों में तो जनता की कमाई इन गड्ढों व सड़कों को ठीक करने पर खर्च दिखाई जा रही है लेकिन हकीकत में गड्ढे प्रमुख रास्तों से लेकर गली-मोहल्लों तक है।

अब हाईकोर्ट ने जिम्मेदार अफसरों को तीन सप्ताह के भीतर इस संबंध में व्यवस्था करने को कहा है, अन्यथा जेल जाने की चेतावनी दी है। फिलहाल तो कोर्ट की मौखिक टिप्पणी का यहां कोई असर नजर नहीं आ रहा। यहां हालात खराब शहर के चौराहों, मुख्य सड़कों और पर्यटन स्थलों के आसपास बड़ी संख्या में आवारा मवेशी देखने को मिल जाएंगे। शहर के देहलीगेट, फतहपुरा, उदियापोल, हाथीपोल चौराहा, टाउनहॉल रोड, प्रतापनगर से सेवाश्रम होकर सूरजपोल रोड, बलीचा से उदियापोल, सुखेर से कोर्ट चौराहा, रामपुरा से चेतक सर्कल, अशोकनगर मुख्य मार्ग, विश्वविद्यालय मार्ग, हिरणमगरी रोड की सड़कों पर आवारा मवेशी मिल जाएंगे। इसी प्रकार पर्यटन स्थल गणगौर घाट, दूधतलाई, सहेलियों की बाड़ी रोड, फतहसागर रोड, गोवर्धन सागर आदि क्षेत्र में आवारा मवेशियों ने परेशान कर रखा है। गड्ढों से बच कर गुजरना मुश्किल जहां एक ओर आवारा मवेशियों ने सड़क पर चलना मुश्किल कर रखा हैं, वहीं सीवरेज कार्य एवं बारिश से बुरी तरह उधड़ी सड़क के गड्ढ़े परेशानी का सबब बने हुए हैं। शहर की सड़कों पर इतने गड्ढ़े हो गए हैं कि जरा सी सावधानी चूकते ही गाड़ी का पहिया गड्ढ़े में। लम्बे समय से इस स्थिति के चलते आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं हो रही हैं, वहीं लगातार ऐसी सड़क पर चलने से वाहन चालकों की रीढ़ की हड्डी नुकसान पहुंच रहा है। शहर में कई जगह डेयरियां चल रही है जिससे सड़कों पर पशुओं की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है। डेयरी संचालन करने वाले दूध नहीं देने वाले पशुओं को छोड़ देते हैं।

इनका कहना है…

नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी नरेन्द्र श्रीमाली का कहना है कि नियमित रूप से आवारा मवेशियों को पकडऩे का अभियान चल रहा है। काइन हाउस की क्षमता करीब 300 से 350 पशु है। टीम शहर में आवारा मवेशी पकड़ कर काइन हाउस ले जाती है।