4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Sohrabuddin-Tulsi Encounter Case : मुंबई में सीबीआई स्पेशल कोर्ट में वांछित सिल्वेस्टर डेनियल ने द‍िए ये बयान..

www.patrika.com/rajasthan-news
2 min read
Google source verification
sohrabuddin-tulsi encounter case

Sohrabuddin-Tulsi Encounter Case : कोर्ट में डिब्बा खोला तो निकली चार गोलियां, पहले बताई थी दो

चूडाश्मा के खिलाफ बयान के लिए धमकाया-सिल्वेस्टर

उदयपुर . सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर मामले में मुंबई में सीबीआई स्पेशल कोर्ट में शुक्रवार को वांछित सिल्वेस्टर डेनियल के बयान हुए। उसने बयान में बताया कि जून 2010 में सीबीआई अधिकारी डागर ने चूडाश्मा के खिलाफ बयान देने का लालच दिया और धमकाया भी था। उसने कहा कि धमकी के बावजूद उसने बयान नहीं दिए और न ही इसके बारे में मैैं कुछ जानता हूं। इस पर सीबीआई ने उसे पक्षद्रोही घोषित कर दिया। सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल जसविंदसिंह के बयान भी हुए।
सिल्वेस्टर ने कोर्ट को बयान में बताया कि आजम के जरिये तुलसी, सोहराबुद्दीन, रफीक, बंटी, आरिफ, जुबेर को जानता था जो सोहराबुद्दीन और तुलसी के कई मामलों में वांछित थे और मल्लातलाई में छुपकर रहते थे। सोहराबुद्दीन एनकांउटर के बारे में मैं कुछ नहीं जानता था। इसकी जानकारी समाचार पत्रों से मिली थी। वर्ष 2010 में सीबीआई अधिकारी डागर ने मुझे गुजरात के आईपीएस चूडाश्मा के खिलाफ बयान देने को कहा था। ऐसा करने पर सभी मामलों से फ्री करवाने का लालच भी दिया और ऐसा नहीं करने पर और फंसाने की धमकी दी गई। मैं चूडाश्मा को नहीं जानता था, इसलिए मैंने कोई बयान नहीं दिए थे। सीबीआई ने न तो कभी मेरे बयान लिखे और न ही पढकऱ सुनाए। कुछ कागजों पर हस्ताक्षर जरूर करवाए थे।

READ MORE : मेवाड़ में पूरा हुआ वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा का सफर , इस दौरान यह सब रहा खास, देखें वीडियो


सीआरपीएफ हैड कांस्टेबल भी पक्षद्रोही
सीआरपीएफ के हैड कांस्टेबल जसविंदरन सिंह ने कोर्ट को बताया कि 2004 से 2006 तक हैदराबाद के सीआरपीएफ कैंप सेंटर पर तैनात था। उस समय कौन आया, कौन गया उसे पता नहीं है। इस पर सीबीआई ने उसे भी पक्षद्रोही घोषित किया। सीबीआई की चार्जशीट में शामिल इसके बयानों में लिखा है कि वह सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर हैदराबाद के गेट-3 पर तैनात था। 21 नवम्बर 2005 को कांस्टेबल बीके रेड्डी और निरंजन भी साथ में की ड्यूटी पर थे। उस दिन इन-आउट गेट-3 पर एपी राजकुमार पांडियन, श्रीनिवास राव, गांधीनगर के परमार और डाबी अलग-अलग गाडिय़ों में आए थे।


दो गवाह की नहीं मिली लॉकेशन
कोर्ट में कांस्टेबल बीके रेड्डी और निरंजन के बयान भी होने थे, लेकिन ये नहीं आए। सीबीआई पीपी राजू ने बताया कि ये दोनों वर्तमान में कहां तैनात हैं, इनकी लॉकेशन पता नहीं चल सकी। ऐसे में इनसे संपर्क नहीं हो पाया है।