
भींडर/कानोड़। भींडर थाना क्षेत्र में हुए हादसे में तीन जनों की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। तीन बेटों के सिर से एक साथ माता-पिता का साया उठना हृदयविदारक था। परिवार बड़े बेटे की शादी की तैयारी में था। इसके लिए संबंध तय किया गया। मृतक किसान शांतिलाल चौबीसा के तीन बेटे हैं, जिनमें से बड़े पुत्र की अगले माह शादी की बात की जा रही थी। परिवार में उल्लास था, लेकिन घटना ने परिवार को पूरी तरह से तोड़कर रख दिया। शांतिलाल के तीनों पुत्र अविवाहित है, जिनके सिर से एक साथ माता-पिता का साया उठ गया।
पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही मृतक तीनों के शव को घर के आंगन में ले जाया गया तो कोहराम मच गया, जहां शांतिलाल के अन्य भाइयों का बुरा हाल था, वहीं कौशल्या देवी के मासूम बच्चों को संभालना मुश्किल हो गया। हालात यह हो गए कि दोनों ही परिवार में कोई खाना तक बनाने वाला नहीं रहा। देर शाम होने से अंतिम संस्कार नहीं हो पाया। सोमवार को तीनों शवों का अंतिम संस्कार किया। शांति लाल के पिता का निधन भी एक माह पूर्व ही हुआ था। ऐसे में अब इस घटना ने परिवार को तोड़कर रख दिया। शांतिलाल व उसके छोटे भाई पुष्कर चौबीसा के घर पिछले साल चोरों ने बड़ी चोरी को अंजाम दिया, जिससे परिवार आर्थिक संकट में भी आ गया था।
इंतजार करते रह गए मासूम
शांतिलाल के छोटे भाई की पत्नी कौशल्या देवी भी दर्शन के लिए निकली थी। मासूम पुत्रों को घर छोड़ कर गई थी। कौशल्या देवी के एक बेटा और एक बेटी है। बड़ा बेटा चंद्रप्रकाश 16 साल का है, वहीं ज्योति 8 साल की है। घटना की सूचना गांव में पहुंची तो मातम छा गया।
बहन से मिलकर कर गए अलविदा
हादसे से कुछ समय पहले शांतिलाल चौबीसा जैतपुरा निवासी बहन सीता देवी से मिलने पहुंचे थे। भाई-भाभी के बुलावे पर सीता देवी रास्ते में पहुंची। बहन सीता देवी से भाई शांतिलाल, भाभी रुकमणी देवी व कौशल्या देवी से पारिवारिक चर्चा की।
Published on:
06 Mar 2023 05:36 pm
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