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जनजाति बाहुल्य उदयपुर का एक ऐसा स्कूल जहां खेल-खेल में बच्चों को सिखाई जाती है अंग्रेजी

tribal student एबीएल कक्ष में निजी विद्यालयों की तर्ज पर नए प्रयास
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जनजाति बाहुल्य उदयपुर का एक ऐसा स्कूल जहां खेल-खेल में बच्चों को सिखाई जाती है अंग्रेजी

जनजाति बाहुल्य उदयपुर का एक ऐसा स्कूल जहां खेल-खेल में बच्चों को सिखाई जाती है अंग्रेजी

उदयपुर/ धरियावद. tribal student आदिवासी बाहुल्य धरियावद ब्लॉक में एक ऐसा अनूठा राजकीय विद्यालय है, जहां निजी विद्यालयों की तर्ज पर वर्तमान में जनजाति बच्चों को खेल के साथ में शैक्षणिक कार्य कराए जाते हैं। इतना ही नहीं ज्ञानवद्र्धक गीतों व डीजे की धुन पर प्रवेशोत्सव को बढ़ाने के नाम पर ग्रामीण अभिभावकों को बच्चों को विद्यालय से जोडऩे के लिए प्रेरित किया जाता है। ब्लॉक की गाडरियावास पंचायत क्षेत्र स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय केसरपुरा इन दिनों इसी नई व्यवस्था से जुड़कर जनजाति बच्चों को पढऩे के लिए प्रेरित कर रहा है। समीपवर्ती अन्य राजकीय विद्यालयों के लिए भी ये संस्थान आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वर्तमान में इस विद्यालय में कक्षा एक से ८वीं तक के २१० विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। खास यह है कि विद्यालय में निर्मित एबीएल कक्ष में कक्षा दो तक के करीब ३२ नौनिहालों को खेल खिलाने के बहाने शिक्षा के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

एबीएल कक्ष की विशेषता
एबीएल कक्ष प्रभारी युवा शिक्षिका कोमल तेली एवं शुभश्री दक की ओर से टीएलएम शिक्षण सामग्री के जरिए नौनिहालों को शिक्षा से जोड़ा जा रहा है। हाल ही में राज्य स्तर पर सम्मानित हो चुके संस्था प्रधान पुष्पेंद्रसिंह राठौड़ ने बताया कि विद्यालय मेंबालकों को बेहतर शिक्षण एवं निजी विद्यालयों जैसा अनुभव देने के लिए कक्षाकक्ष की दीवारों पर एबीसीडी, अआइई, शरीर के अंगों के नाम, जानवरों पक्षियों के नाम मय चित्र अंकित किए गए हैं, जिससे बच्चे इनकों छुकर समझकर शिक्षण कार्य करते हैं। एबीएल कक्ष के लिए खेल सामग्री, फर्नीचर, कुर्सियां, म्यूजिक सिस्टम ओर एलइटी की व्यवस्था स्टाफ और भामाशाहों की मदद से लाया गया है। म्यूजिक के माध्यम से बच्चों को लर्निंग कार्य के लिए प्र्रेरित किया जाता है। बच्चों के साप्ताहिक टेस्ट के अलावा प्रतिदिन 2 घंटे की विशेष कक्षाएं लगाई जाती हैं।

बच्चों का अंग्रेजी में अभिवादन
विद्यालय में अधिकांश कक्षाकक्षों की दीवारों में न्यूनतम दो तरह के रंग पोते गए हैं। tribal student मानसिक वृद्धि के साथ ही नौनिहाल स्कूल पहुंचने वाले आगंतुकों व शिक्षकों का अंग्रेजी में अभिवादन करते हैं।