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मुंबई से उदयपुर लौटे दो लोग पॉजिटिव

उदयपुर में संक्रमितों की संख्या हुई 568
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मुंबई से उदयपुर लौटे दो लोग पॉजिटिव

मुंबई से उदयपुर लौटे दो लोग पॉजिटिव

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. जिले में बुधवार को दो नए पॉजिटिव मिले। इनमें से एक खरका और एक सलूम्बर क्षेत्र के सेरिया का है। ये दोनों मुम्बई से लौटे हैं। इसके साथ ही उदयपुर में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 568 हो गई है।
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उदयपुर. कोविड-19 संक्रमण को झेलते और लोगों का उपचार करते हुए महाराणा भूपाल हॉस्पिटल के करीब साढ़े नौ सौ चिकित्साकर्मी 60 दिन में क्वॉरंटीन किए गए हैं। गाइडलाइन के अनुसार 14 दिन तक कोरोना संक्रमण क्षेत्र में कार्यरत करने वाले या कोरोना ब्लॉक में काम करने वाले को अगले 14 दिन तक संस्थागत क्वॉरंटीन में रखा जाता है।
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कई ऐसे, जो अब तक बचे हुए हैं ड्यूटी से
एमबी हॉस्पिटल में कई ऐसे कार्मिक भी हैं, जो जैसे-तैसे अपने रसूख से इस काम से बचते चले आए हैं। वे किसी न किसी जुगाड़ से अब तक कोरोना वार्ड में ड्यूटी लगवाने से बचते रहे हैं। इसमें कई चिकित्सकों से लेकर कई नर्सेज शामिल हैं।

फिर भी बच गए
पिछले दिनों कमेटी गठित की गई। बीमार या अधिक उम्र के कार्मिक को ड्यूटी से हटाया गया था, लेकिन इसके अलावा अब भी कई कार्मिक ऐसे हैं जो एक बार भी कोरोना वार्ड में ड्यूटी तो दूर उसके करीब से भी नहीं गुजरे।

कई बार बदल जाती है सूची
कई बार कोरोना ब्लॉक में लगाई जाने वाली सूचियां बार-बार बदल जाती है। इसका कारण ये है कि एक बार किसी का भी नाम आते ही वह कई तरकीब लगाकर उससे बचने का प्रयास करता है।

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तो बाकी कहां है?

- फिलहाल चिकित्सालय में सभी वर्गों में करीब 600 चिकित्सक व 1800 नर्सेज हैं, लेकिन यदि ड्यूटी चार्ट देखा जाए तो ये समझना मुश्किल नहीं है कि अधिकांश कोरोना ड्यूटी से दूर ही रहे हैं। क्वॉरंटीन वालों की संख्या यदि एक हजार मानी जाए तो भी 2400 कार्मिक होते हैं। इनमें से कई कार्मिक अब भी कोरोना वार्ड यानी एसएसबी ब्लॉक से दूर दूर ही चल रहे हैं।
- कई चिकित्सक व नर्सेज ऐसे भी हैं, जिनकी बार-बार ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन कई कार्मिक बचे हुए हैं। उन्हें कोई पूछने वाला नहीं है।

- पिछले दिनों कोरोना ब्लॉक में ड्यूटी को लेकर हॉस्पिटल प्रशासन से लेकर नर्सेज कर्मियों व स्थानीय नर्सेज नेताओं में खूब घमासान मचा था। ये टकराहट अब भी जारी है।
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नियमानुसार किया क्वॉरंटीन
हमने नियमानुसार कार्य करने वाले सभी कार्मिकों को क्वॉरंटीन किया है ताकि कार्य निर्बाध रूप से चलाया जाए। किसी को भी कोई परेशानी नहीं हो। सभी स्वस्थ रहकर कार्य कर सके ये ही हमारा मुख्य उद्देश्य है।

डॉ. राहुल जैन, क्वॉरंटीन प्रभारी