
इस कार्यक्रम में लाइफ स्टाइल कोच ने उद्योगपतियों को पढ़ाया गया गीता का पाठ
उदयपुर. जिंदगी में अगर सफल लीडर बनना है तो अहम त्यागकर सेवा के भाव मन में जगाएं। श्रीमद् भागवत गीता के सार को समझकर उसे जीवन में अपनाना चाहिए। यही मैनेजमेंट का सबसे बड़ा सबक है। ये विचार इस्कॉन, नई दिल्ली से आए लाइफ स्टाइल कोच मदन गोविंददास ने उदयपुर के यूसीसीआई भवन में आयोजित एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उद्योग पतियों के बीच कहे। उदयपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष रमेश कुमार सिंघवी ने विषय विशेषज्ञों व संगोष्ठी में शामिल हुए लोगों का स्वागत किया। सिंघवी ने प्रबंधन की पुस्तक का एक उदाहरण देते हुए बताया कि एक सफल उद्यमी के लिए नेतृत्व कौशल का होना बहुत ही आवश्यक है। यूसीसीआई की ओर से इस संगोष्ठी का आयोजन विशेष से उद्यमियों के लिए रखा गया था। व्यवसायिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए व्यवहार एवं दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लाकर नेतृत्व गुण की ओर से अपने साथी उद्यमियों एवं कर्मचारियों को भी लाभान्वित करना चाहते हैं। मानद कोषाध्यक्ष राकेश माहेश्वरी ने विषय विशेषज्ञ का संक्षिप्त परिचय प्रतिभागियो के समक्ष प्रस्तुत करते हुए बताया कि हिन्दुस्तान यूनिलीववर लिमिटेड के पूर्व निदेशक गोविन्ददास एक सुविख्यात प्रबंधक, विचारक तथा उद्बोधक हैं। कार्यशाला के दौरान गोविन्ददास ने बताया कि मुख्यत: तीन प्रकार के गुण होते हैं। सतोगुण, रजोगुण एवं तमोगुण। प्रत्येक व्यक्ति का व्यक्तित्व इन तीन गुणों के आधार पर परिभाषित है। विषय विषेशज्ञमदन गोविन्ददास की ओर से लोगों की समस्याओं का समाधान बताया गया। संचालन मानद महासचिव प्रतीक हिंगड़ ने किया। कार्यक्रम में लगभग 100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
Published on:
07 Oct 2019 06:00 am
