
सिक्सलेन निर्माण से इस स्कूल पर आया संकट...तो दो ग्रामीणों कर दी अपनी जमीन दान
चन्दन सिंह देवड़ा/उदयपुर . मेवाड़ को भामाशाहों की धरती यों ही नहीं कहते हैं। यहां के कण-कण में त्याग, समर्पण, बलिदान के भाव समाए हुए हैं। इसका एक और उदाहरण उदयपुर की गिर्वा पंचायत समिति क्षेत्र के पाटिया गांव में देखने को मिला, जहां पर उदयपुर-अहमदाबाद सिक्सलेन निर्माण के चलते टूट रहे स्कूल भवन के एवज में दो ग्रामीणों ने अपनी पौन पांच बीघा जमीन दान कर दी। खास बात यह है कि जमीन दान करने वाले कोई धन्ना सेठ नहीं होकर साधारण मजदूर और किसान हैं।इन दोनों ग्रामीणों की आजीविका खेती और मजदूरी पर निर्भर है मगर गांव के बच्चों को स्कूल टूटने से कहीं दूर पढऩे न जाना पड़े और इन्हें गांव में ही तालिम मिल सके, इस उम्मीद से इन्होंने अपनी जमीन दान कर दी। गांव के भामाशाह लाला मीणा ने 3 बीघा एवं उदा मीणा ने पौन दो बीघा जमीन राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पाटिया स्कूल भवन निर्माण के लिए दान की। गुरुवार को ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, गिर्वा प्रधान तख्तसिंह, एडीपीएस मुरलीधर चौबीसा, बीईईओ वीएस यादव समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने दोनों भामाशाहों का सम्मान कर इनकी मौजूदगी में नए स्कूल भवन का शिलान्यास किया। स्कूल भवन निर्माण का खर्च नेशनल हाईवे ऑथोरिटी वहन करेगा।
पहले दादा ने दी थी जमीन...
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जब स्कूल नहीं था तो इसकी मांग करने पर प्रशासन ने जमीन उपलब्ध नहीं होने का बड़ा कारण बताया था जिससे सभी चिंतित हो गए थे। तब उदा मीणा के दादा भैरा मीणा ने स्कूल के लिए जमीन दान कर गांव में शिक्षा की अलख जगाई थी। अब फिर स्कूल भवन पर संकट खड़ा हुआ तो उदा मीणा ने दादा की तरह दानवीरता का परिचय दिया।
हाईवे निकलने से बढ़ गई कीमतें
पाटिया गांव से गुजर रहे सिक्सलेन के निर्माण से गांव में जमीनों के भाव बढ़ गए। ग्रामीणों की मानें तो इस गांव में अभी जमीन का भाव साढ़े आठ लाख रुपए प्रति बीघा चल रहा है।
Updated on:
14 Sept 2018 07:02 pm
Published on:
14 Sept 2018 06:29 pm
