6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दशरथ मांझी की तरह दिखाई हिम्मत और चकाचक कर दी सडक़

दशरथ मांझी की तरह दिखाई हिम्मत और चकाचक कर दी सडक़
2 min read
Google source verification
दशरथ मांझी की तरह दिखाई हिम्मत और चकाचक कर दी सडक़

दशरथ मांझी की तरह दिखाई हिम्मत और चकाचक कर दी सडक़

मोहम्मद इलियास/उदयपुर

गांव के फासले को कम करने के लिए उन्होंने दशरथ मांझी की तरह पहाड़ तो नहीं तोड़ा, लेकिन हादसों को कम करने के लिए सरकारी एजेन्सी के कान पर जूं नहीं रेंगने पर उन्होंने स्वयं गिट्टी, मिट्टी के बीच पाइप डालकर गड्ढों को पाटते हुए सडक़ को चकाचक कर दी।
यह अनूठी पहल किसी शहरवासी ने नहीं बल्कि कानपुर के उन ग्रामीणों ने की है, जो रोज गड्ढों में गिरने वालों लोगों की चीख चिल्लाहट से विचलित थे। उन्हें पता था कि हादसे में मरने व घायल होने वाला कभी उनका अपना भी हो सकता है। कानपुर पेट्रोल पम्प के सामने बने इन गहरे गड्ढों को पाटने के लिए ग्रामीणों ने कई बार सार्वजनिक निर्माण विभाग को लिखा, जनप्रतिनिधियों से शिकायत की, लेकिन सभी ने अनसुना कर दिया। नतीजा हादसे पर हादसे होते चले गए। सर्वाधिक रात के समय अंधेरे में खतरा था। गहरे गड्ढे में हर कोई गिरकर घायल हो रहा था। हादसे में कई लोगों के चोटिल होने पर ग्रामीणों ने अपने स्तर पर ही इसे दुरुस्त कर दिया।

--
झोली फैलाई, मोतबिरों ने दिए पैसे

हादसों से विचलित हुए ग्रामीणों ने सुबह अपने स्तर पर झोली फैलाई और देखते ही देखते हुए गांव के कई मोतबिरों ने पैसे डाल दिए। कुछ ही मिनटों में करीब 60 हजार रुपए इक_े हो गए। बस फिर क्या था, ग्रामीण पानी निकासी के लिए पहले लोहे का पाइप खरीद लाए। उसके बाद उन्होंने पैसों से गिट्टी व मिट्टी डलवाई। बाद में एक्सक्वेटर मशीन से पाइप को सडक़ के बीचोंबीच बिछाते हुए ऊपर गिट्टी व मिट्टी डालकर समतलीकरण कर सडक़ को चकाचक कर दिया। इस दौरान मदद के लिए गांव से सैकड़ों हाथ जुट गए। काम चलने के दौरान सडक़ पर दोनों और वाहनों की कतारे भी लगी, लेकिन ग्रामीणों के इस काम की सभी ने प्रशंसा करते हुए उनसे जो मदद हो पाई उन्होंने भी किया।
--

कई लोग हुए घायल, नहीं सुना विभाग ने
ग्रामीणों ने बताया कि पेट्रोल पम्प के निकट ही दूसरी तरफ तलाई है। पानी की निकासी नहीं होने से लगातार बारिश का पानी सडक़ पर बहते हुए तलाई में गिर रहा था। इससे वहां बड़े-बड़े गड्ढे हो गई। ऐसी स्थिति में इस मार्ग से गुजरने वाले भारी भरकम डम्पर व अन्य वाहनों से सडक़ पर पूरी तरह से टूट गई। करीब ढाई मीटर का पेच तो ऐसा हो गया कि यहां पर वाहन तो छोड़ पैदल लोगों का भी निकलना दूभर हो गया। लगातार हादसे होने के बावूद विभाग के नहीं सुनने से ग्रामीण विचलित हो गए। गांव के मोतबिर उपसरपंच नारायण डांगी,भंवरलाल डांगी, चुन्नीलाल, मानाराम पटेल, मोहन थोरावाला, वार्डपंच मोतीलाल पटेल सहित कई लोगों ने इसमें सहयोग किया।

----------
मौके पर कुछ लोगों ने कब्जे कर लिए इसके कारण प्राकृतिक पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। पूर्व में वहां पर पाइप डालने का प्रयास किया तो कब्जेदारों ने हंगामा करते हुए पाइप नहीं डालने दिया। इस संबंध में जिला प्रशासन का अवगत करवाया है। प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग मिलते ही वहां पर सडक़ को सही करवा दिया जाएगा। गड्ढे हैं तो उन्हें बारिश से बंद होते ही सही कर देगें।

भानु दाहिमा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी जिला खंड प्रथम
--