
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से नियम विरुद्ध किए तबादला आदेश पर रोक
मो. इलियास/उदयपुर. सार्वजनिक नहर को बंद करवाने के विवाद को लेकर युवक पर हत्या की नीयत से पेट्रोल छिडकऱ आग लगाने वाले दो आरोपियों को न्यायालय ने 10-10 वर्ष के कठोर कारावास 75-75 हजार रुपए की सजा सुनाई।
वल्लभनगर थाने में गत 13 फरवरी 2017 को मेघराज ने शंभूपुरा वल्लभनगर निवासी किशनलाल उर्फ लोगर पुत्र सवा गायरी व धारता वल्लभनगर निवासी मोहनलाल पुत्र रूपलाल नाई के खिलाफ पेट्रोल छिडकऱ आग लगाने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। मामले में आरोप पत्र पेश होने पर अपर लोक अभियोजक प्रेमसिंह पंवार ने आवश्यक साक्ष्य व दस्तावेज पेश किए। आरोप सिद्ध होने अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश (महिला उत्पीडऩ प्रकरण) डॉ.दुष्यंत दत्त ने दोनों आरोपियों को धारा 307 में 10-10 वर्ष के कठोर कारावास व 50-50 हजार रुपए जुर्माना, धारा 326 में 7-7वर्ष के कठोर कारावास व 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। न्यायालय ने निर्णय के दौरान लिखा कि वर्तमान समय में छोटी-छोटी बातों को लेकर इस प्रकार के अपराधों की दिनोंदिन वृद्धि हो रही है। प्रत्येक अपराध का उचित दंड आवश्यक है, जिससे समाज में इसका सकारात्मक प्रभाव दृष्टिगोचर हो। ऐसे में अभियुक्तों के विरुद्ध नरमी का रूख अपनाए जाने से इस प्रकार के गंभीर अपराधों को बढ़ावा देने के समान होगा, जिससे समाज में विधि के शासन के विपरित संदेश जाएगा एवं भय का माहौल व्याप्त होगा।
पानी की प्याऊ में कूद बचाई थी जान
परिवादी ने थाने में दी रिपोर्ट में बताया कि घटना वाले दिन दोपहर तीन बजे वह अमरसिंह, डालचंद डांगी, शोभालाल व अन्य के साथ रेलवे स्टेशन वल्लभनगर बैठ बात कर रहा था। उसी समय किशन गायरी आया। उसने कहा कि नहर क्यों बंद करवा रहो हो, तो अमरसिंह ने कहा कि कौन बंद करवा रहा है। इसके बाद सभी वहां से बिखर गए। उसके बाद परिवादी वहां से उठकर रेलवे फाटक के पास स्थित पानी की प्याऊ पर जाकर दूदा मेघवाल से बातें करने लगा। तभी किशन गायरी वापस मोहनलाल नाई के साथ बाइक पर वहां आया। आते ही बोतल निकाल पेट्रोल छिडक़ते हुए परिवादी के आग लगा दी। आग से परिवादी का चेहरा, दोनों हाथ, गर्दन व कपड़े जल गए और उसने प्याऊ में कूद जान बचाई। आग से शरीर पर फफोले पड़ गए, जगह-जगह चोंटे आई था बाल जल गए।
Published on:
13 Sept 2018 07:31 am
