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Udaipur: डॉक्टर के सरकारी आवास की सीढ़ियों पर मिला ANM का शव, बॉयफ्रेंड की शादी से थी नाराज

Udaipur News : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार देर रात एक महिला एएनएम का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सनसनी फैल गई।

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चिकित्सक को हिरासत में लेती पुलिस- फोटो पत्रिका नेटवर्क

कानोड़ (उदयपुर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार देर रात एक महिला एएनएम का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सनसनी फैल गई। मृतका राजपुरा स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ थी। उसका शव चिकित्सक सुरेंद्र बिजारणिया के सरकारी आवास की सीढ़ियों पर मिला। पुलिस ने बताया कि एएनएम डॉ. सुरेन्द्र बिजारणिया पर शादी करने का दबाव बना रही थी। दिसंबर में डॉक्टर की शादी होने के बाद से वह उससे नाराज थी।

गले पर चोट के निशान

पुलिस के अनुसार मृतका के गले पर चोट के निशान पाए गए हैं, इससे मामला संदिग्ध माना जा रहा है। एफएसएल टीम ने पुलिस उपाधीक्षक की मौजूदगी में साक्ष्य जुटाए। परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। परिजनों ने डॉक्टर पर हत्या का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है।

पंखे पर फंदा लटका मिला

थाना अधिकारी हुकम सिंह ने बताया कि रात करीब सवा बारह बजे हेल्पलाइन 112 पर सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर महिला का शव सीढ़ियों पर पड़ा मिला और पंखे पर फंदा लटका था। घटना के बाद डॉक्टर मौके से फरार हो गया, उसे चित्तौड़गढ़ के मंगलवाड़ चौराहे पर नाकाबंदी में पकड़कर हिरासत में लिया गया। उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

चार दिन से डॉक्टर के क्वार्टर पर थी मृतका

प्रारंभिक पूछताछ में डॉ. सुरेंद्र बिजारणिया ने स्वीकार किया कि उसके मृतका के साथ संबंध थे। वह चार दिनों से उसके आवास पर रह रही थी। सीकर के श्रीमाधोपुर निवासी डॉक्टर सुरेन्द्र बिजारणिया कानोड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ है। मीटिंग सहित अन्य कारणों से इनका अक्सर मिलना होता था और यहीं से दोनों की दोस्ती शुरू हुई।

पहले भी शराब पीकर चिकित्सालय में मचाया था उत्पात

इस घटनाक्रम ने विभागीय जिम्मेदारियों पर भी सवाल खड़े किए हैं। पूर्व में भी डॉ. बिजारणिया पर शराब पीकर चिकित्सालय में उत्पात मचाने और वरिष्ठ चिकित्सक से मारपीट करने का आरोप लगा था, लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। स्थानीय लोगों और महिला चिकित्साकर्मियों ने आरोप लगाया है कि चिकित्सालय में ब्लैकमेलिंग और फील्ड पोस्टिंग के लिए दबाव बनाया जाता है। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।