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नव संवत्सर का आतिशबाजी से होगा स्वागत

नव संवत्सर का आतिशबाजी से होगा स्वागत - एक दीया संस्कृति के नाम कार्यक्रम कल- दीयों की रोशनी से जगमगाएगी दूधतलाई  
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नव संवत्सर का आतिशबाजी से होगा स्वागत

प्रमोद सोनी

उदयपुर . अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति, आलोक संस्थान एवं सर्व समाज व संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में नव संवत्सर का दीयों की रोशनी एवं आतिशबाजी के साथ स्वागत होगा।

समारोह समिति के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमावत ने बताया कि आचार संहिता लागू होने से इस बार नववर्ष कार्यक्रम में नगर निगम की सहभागिता नहीं रहेगी। एेसे में जन सहभागिता और जन सहयोग से नववर्ष कार्यक्रम होगा। इसके तहत दूधतलाई पर शनिवार को नववर्ष का दीपकों की रोशनी व आतिशबाजी के साथ स्वागत किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि समिति के आग्रह पर टेंट एसोसिएशन शहर के प्रमुख चौराहों पर स्वागत द्वार लगाकर नव संवत्सर की शुभकामना देगा। साथ ही विभिन्न संगठनों के लोग व आलोक स्कूल के बच्चें तिलक लगा नववर्ष की बधाई देंगे।

आज निकलेंगी ज्योति कलश यात्रा

ज्योति कलश संस्कृति चेतना यात्रा के संयोजक शशांक टांक ने बताया कि शुक्रवार को तीन स्थानों से ज्योति कलश संस्कृति चेतना यात्रा निकलेगी। ये नाथद्वारा धाम, बैजनाथ महादेव मंदिर एवं बोहरा गणेश मंदिर से रवाना होंगी। शाम 6.45 पर तीनों यात्राओं का हाथीपोल पर त्रिवेणी संगम होगा, जहां बैंड बाजों की धुन पर गुलाब की पत्तियों से, इनका स्वागत होगा।

आज संवत 2075 को कहेंगे अलविदा
संयोजक कमलेन्द्रसिंह पंवार ने बताया कि महासंगम के बाद हाथीपोल से जगदीश चौक तक जय हिन्द ध्वज ज्योति कलश पदयात्रा निकलेगी जो पुलवामा में शहीद हुए सैनिकों को समर्पित होगी। जगदीश चौक से सात मंदिरों से लाई ज्योतियों को महिलाएं गणगौर घाट पर ले जाएंगी। घाट पर शाम 7.30 बजे इन ज्योतियों से दीप प्रज्वलित कर गंगा आरती करते हुए विदा 2075 को अलविदा कहा जाएगा।