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समय के चक्र में उलझी गभर्वती महिलाएं…सेंट्रल लैब में स्थापित एंटीनेटल लैब का मामला

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समय के चक्र में उलझी गभर्वती महिलाएं...सेंट्रल लैब में स्थापित एंटीनेटल लैब का मामला

डॉ सुशील सिंह चौहान/उदयपुर. इमारत में दरारों से गहराते संकट के बीच बदली गई पन्नाधाय महिला राजकीय चिकित्सालय (जनाना) की व्यवस्थाएं गर्भवती महिलाओं के लिए नई मुसीबत बन गई है। सेंट्रल लैब के तीसरे माले में शिफ्ट किए गए एंटीनेटल लैब में गर्भवती के लिए यूरिन एवं ब्लड नमूनों की जांचें समय के चक्र में उलझती दिख रही हैं। जननी शिशु सुरक्षा योजना (जेएएसवाई) के तहत नि:शुल्क होने वाली जांचों के लिए कतारों में लगने वाली महिलाओं का घंटो इंतजार के बाद भी दिन खराब जाता है। खामियों के चलते उन्हें अगले सप्ताह आने वाले टर्न में आकर फिर से कतार में खड़ा होना पड़ता है। इसकी वजह सेंट्रल लैब में पहले से चल रही मनमानी है, जहां सुबह ९बजे नमूना जांच काउंटर खुलते हैं और 11.30 बजे तक नमूने एकत्र किए जाते हैं। इसके बाद कतार में खड़ी महिलाओं को घर रवाना कर दिया जाता है।

पहले सुबह 8 बजे
पूर्व में ब्लड बैंक के नीचे संचालित एंटीनेटल वार्ड सुबह 8 बजे खुलता था, जहां दोपहर 12 बजे तक जांच सुविधा मुहैया होती थी, लेकिन सेंट्रल लैब में शिफ्टिंग के बाद खुद की बनाई हुई मोनोपॉली के तहत लैब टेक्निशियन उनके कायदे लगाते हुए सुबह 9 बजे लैब खोलते हैं और 11.30 बजे अंतिम जांच नमूने लेते हैं। औसत के हिसाब से प्रतिदिन करीब 200 महिलाएं एंटीनेटल चेकअप के लिए चिकित्सालय आती हैं। कायदे से एंटीनेटल जांच का समय सुबह 8 से दोपहर 1.30 बजे तक होना चाहिए।

यूनिट वार साप्ताहिक चक्र
एंटीनेटल वार्ड की खामियां ही कहेंगे कि कतार में खड़ी महिला को एक बार
निराशा मिलने के बाद उसका नंबर अगले सप्ताह उसी दिन आएगा, जिस दिन जनाना
चिकित्सालय के संबंधित यूनिट हेड का ओपीडी दिन होगा। बीच में वह आकर
संबंधित जांचें नहीं करा सकती, क्योकि ये जांच संबंधित यूनिट प्रभारी की
पर्ची पर ही होता है। ऐसे में दूरदराज से आने वाली महिलाओं को जेब खर्च
कर निजी लैब के भरोसे जांचें करानी पड़ रही है।

सहयोग को कहा
सेंट्रल लैब के टेक्निशियन इंचार्ज को दोपहर 1 बजे तक रसीदें काटने की
बात कही है। लेकिन, उनकी ओर से 12 बजे तक ही रसीदें कट रही हैं। महिलाओं
के लौटने की जानकारी नहीं है। ऐसा है तो इसका पता कर व्यवस्था सुधार किया
जाएगा।
डॉ. सुनीता माहेश्वरी, अधीक्षक, जनाना चिकित्सालय

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कल ही दिखाते हैं
सेंट्रल लैब इंचार्ज डॉ. सुनीता भार्गव से बात कर रसीद काउंटर का समय
बढ़ाने के लिए निर्देशित किया जाएगा।
डॉ. ललित रैगर, उपाचार्य, आरएनटी मेडिकल कॉलेज